दतिमा मोड़/ सूरजपुर- देश में पत्रकारों का एक अलग स्थान है और चौथा स्तंभ के रूप में देखा जाता है। पत्रकार समस्या को आईना दिखाने का काम करता है जो हर समय बुराइयों सहित अन्य गलत कार्यों को उजागर करने का कार्य करता है। लेकिन आज के युग में कुछ कथित पत्रकार कमाई का जरिया मान लिए हैं और छोटे-मोटे व्यापारियों सहित अधिकारी-कर्मचारियों को धौस दिखाकर उनसे रुपए उगाही करने का कार्य करते हैं।

दरअसल मामला सूरजपुर विकासखंड के दतिमा क्षेत्र का है। यहाँ एक कथित पत्रकार मोहिबुल हसन (लोलो) जो कि अपने आपको न्यूज़ 29 का स्टेट हेड बताता है और इनकी कार्यगुजारी की बात करें तो पत्रकारिता के अलावा इनके पास कुछ ठोस आय का साधन नहीं है। जिससे कि यह लोगों के लिए अब जी का जंजाल बन चुका है। ज्ञात हो कि पूर्व में सुदामानगर में वसूली के दौरान ग्रामीणों ने बंधक बनाकर पीटा था और स्थानीय पुलिस यदि तत्काल में वहां नहीं पहुंचती तो आज पत्रकारिता भूल ही गए होते और छोटी मोटी घटनाएं इनके साथ हमेशा होती रहती है जो कि अब आम हो चुका है।

सच कड़वा होता है…

सच्चाई कोई भी सुनना पसंद नहीं करता आज के युग में लोग चाटुकारिता पसंद करते हैं ऐसे में इस प्रकार का कार्य को लेकर दतिमा के पत्रकार मोहिबुल हसन (लोलो) जो कि हमेशा अपने करतूतो से बाज नहीं आ रहे हैं दतिमा चौक में बैठने का अड्डा बनाए हुए हैं और चौक चौराहों से गुजरने वाली वाहनों का पीछा कर वसूली कार्य करते रहते हैं।

हर छोटे-बड़े कार्य में चाहिए पैसा…

प्रत्येक कार्य में कथित पत्रकार को पैसा चाहिए ही चाहिए, चाहे वह जीविका पार्जन के लिए लकड़ी, हो या क्षेत्रीय स्थानीय व्यापारी, सरपंच-सचिव, राशन दुकान, ट्रक मालिक, स्कूल, कोयला सायकल, पटवारी, ग्राम सेवक, नोडल से अवैध वसूली की शिकायत आम बात हो चुकी है जनता अब इस पत्रकार से त्रस्त हो चुकी है।

शासन का दिखाता है धौस…

पत्रकारिता के साथ शासन का धौस दिखाने वाला पत्रकार कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है। अपने आपको विधायक मंत्री का खास बताता है और उगाही का कार्य करता है जिससे कि विधायक मंत्रियों का भी छवि पर दाग लग रही है और यह भी कहने से नहीं थकता कि जिले के आला अफसर मेरे अधीनस्थ हैं वह एक मेरे रिश्तेदार है।

आड में आर्थिक लाभ… वसूली का कृत्य…

व्यवस्थागत कमियों को दूर करने की पहल के साथ समाज और लोकहित में शोषितों-वंचितों और पीडि़तों के लिए आवाज उठाना पत्रकारिता का धर्म है, लेकिन आज पत्रकारिता का स्वरूप बदल गया है। मोहिबुल हसन (लोलो) ने मीडिया को पूरी तरह से व्यवसायिक बना लिया है। इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत फायदे के लिए करने लगा हैं। मोहिबुल हसन लोलो अब पत्रकार नहीं रहा, पत्रकार के नाम पर कलंक है। न्यूज पोर्टल की आड़ में आर्थिक लाभ के रास्ते तलाशते रहते हैं। न्यूज पोर्टलों को माध्यम बनाकर पत्रकारिता के आड़ में व्यवसाय के साथ ब्लेमेलिंग और धौंस दिखाकर वसूली जैसा कृत्य कर रहा हैं।

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