रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- नगर के वार्ड क्रमांक 13की विधवा महिला ने ग्राम चलगली में स्थित विक्रय किए गए अपने मकान का बिना पूरा पैसा दिए जबरन रजिस्ट्री करवा लिये जाने और कब्जा कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप गांव के ही एक दबंग व्यक्ति पर लगाते हुए इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से कर न्याय की गुहार लगाई है।  

वार्ड क्रमांक 13 की सरिता पति स्वर्गीय रोहित कुमार उम्र 30 ने पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में उल्लेख किया है कि ग्राम चलगली में जमीन खरीद कर दो कमरे का मकान बनाकर अपने पति के साथ रहती थी जिसे आर्थिक तंगी के कारण गांव के ही हेमा गुप्ता एवं अनिल कुमार गुप्ता से ₹550000 में सौदाकर बेच दी जिसके बाद अनिल कुमार गुप्ता के द्वारा जबरन दबाव देकर बिना संपूर्ण विक्रय मूल्य अदा किए जिस भूमि पर दो कमरे का मकान अहाता हैंडपंप हैं उसे सिर्फ खुली भूमि बताकर गुमराह करते हुए दबाव बनाकर मात्र ₹70000 कीमत आकलन कर रजिस्ट्री करवा लिया गया एवं वे बोले कि आप से जितना विक्रय मूल्य तय हुआ है आपको दे देंगे किंतु उनके द्वारा मात्र ₹143000 दिया गया और यह बोला गया कि बाकी तुम्हारे पति ने कर्जा लिया था यह कह कर पैसा नहीं दिया जा रहा है। सरिता ने बताया कि पैसा मांगने कई बार अनिल गुप्ता के घर गई परंतु उनके द्वारा पैसा नहीं देते हुए उल्टे जान से मारने की धमकी दी जाती है।

पति की मृत्यु के बाद बदला नियत- विधवा सरिता ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद अनिल गुप्ता की नियत बदल गई एवं वह मात्र ₹143000 देकर बाकी पैसे देने से इनकार कर रहे हैं वह कह रहे हैं कि तुम्हारा पति गांव के बहुत लोगों से कर्जा लिया था मैं उन्हें पैसा दूंगा।

आपत्ति के बाद भी हो गया नामांतरण- विधवा सरिता ने बताया कि मुझे अनिल गुप्ता के द्वारा पूरा पैसा नहीं दिया गया तो मैंने अपनी भूमि के नामंत्रण पर रोक लगाए जाने के लिए तहसीलदार वाड्रफनगर के यहाँ आवेदन किया था जिस पर हल्का पटवारी को उक्त भूमि का नामांतरण पर रोक लगाए जाने के संबंध में स्थगन जारी किया गया था किंतु राजस्व कर्मचारियों से मिलीभगत से संशोधन पास करते हुए नामांतरण कर दिया गया।

धोखे से जबरदस्ती ले जाया गया अंबिकापुर रजिस्ट्री कराने- विधवा सरिता ने बताया कि जब मेरे पति जिंदा थे तब अनिल गुप्ता के द्वारा जबरदस्ती वाड्रफनगर ले जाने की बात कहते हुए धोखे से अंबिकापुर ले जाया गया था जहां धमकी देकर रजिस्ट्री करवा लिया गया।

दो मासूम बच्चों के साथ न्याय के लिए भटक रही है सरिता- एक ओर पति का साथ छूट गया तो दूसरे और घर के नाम पर जो छत था वह भी गरीबी के कारण छिन गया अब स्थिति यह है कि किसी प्रकार मजदूरी करके सरिता अपना जीविकापार्जन कर रही है एवं न्याय के लिए दर-दर भटक रही है।

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