जरही/भटगांव। बस स्टैंड होने के बावजूद बसों का सड़क में खड़ा होना जिम्मेदारों की अनदेखी को इंगित करा रहा है। करीब पांच हजार से अधिक की आबादी वाले भटगांव क्षेत्र के लोगों को बसों को कहीं भी सड़क में खड़ी कर देने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में जहां बसें खड़ी होती हैं, उसे अघोषित बस स्टैंड का रूप दे दिया जा रहा है। स्कूल, अस्पताल और तहसील कार्यालय के बीचों-बीच सड़क में दोनों ओर बसें खड़ी होती हंै। यहां आसपास कई कार्यालय हैं, जहां लोगों का रोजाना आना-जाना होता है, जिससे आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती हैं वहीं आवागमन प्रभावित होता है। सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक कुल 14 घंटे लोगों को तमाम परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ता है।
16 लाख की लागत से बना बस स्टैंड
वर्ष 2007-2008 में नगर पंचायत भटगांव के तात्कालिक अध्यक्ष जय राम राजवाड़े व तात्कालिक विधायक व संसदीय सचिव रामसेवक पैकरा के हाथों भूमिपूजन कर लगभग 16 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था। इसे कांप्लेक्स का रूप दिया गया है, जिसमें आठ शटर लगे हैं। एक यात्री हाल व टिकट घर अलग से बनाया गया है। लावारिस छोड़ देने से कांप्लेक्स में लगे शटर टूटने लगे हैं। बुकिंग ऑफिस के खिड़की-दरवाजे की हालत दयनीय है। भवन में दरारें आ गई हैं जो कभी भी गिर सकती है। कांप्लेक्स के चार शटर खुले हुए हैं, जहां आवारा पशुओं का डेरा रहता है। स्थिति देखने के बाद प्रतीत होता है कि इस जगह का उपयोग नशाखोरी के लिए भी किया जाता है।
डेढ़ दशक बाद भी उपयोग नहीं
डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी इस बस स्टैंड का संचालन नगर पंचायत भटगांव नहीं करा पा रहा है। बारिश और धूप के दिनों में यात्री खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करते हैं। रोड पर बस खड़ी होने से जाम की स्थिति बनती है। कबाडख़ाने में तब्दील हो रहे बस स्टैंड से नगर पंचायत के वर्तमान अध्यक्ष व अधिकारियों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को कोई लेना-देना नहीं है। जिस स्थान पर बसें खड़ी होती हैं वहां रोजमर्रा के कामकाज के लिए लोगों का आनाजाना होता है। तहसील कार्यालय, अस्पताल, स्कूल, बैंक, नगर पंचायत, जल संसाधन कार्यालय होने के बाद भी बस स्टैंड में बसों का ठहराव सुनिश्चित करने की पहल नहीं हुई है। शोरगुल से मरीजों के इलाज में परेशानी आती है। ध्वनि प्रदूषण से मरीज परेशान रहते हैं।
सीएमओ को नहीं जानकारी
नगर पंचायत भटगांव के सीएमओ प्रवीण उपाध्याय का ध्यानाकर्षण इस ओर कराने पर उन्होंने एक लाइन में बस अड्डे के बाहर अघोषित बस स्टैंड संबंधित कोई भी जानकारी नहीं होने की बात कही।

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