अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी/शंकरगढ़। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल परिसर में आयोजित शतरंज प्रशिक्षण शिविर का समापन जिला शतरंजसंघ बलरामपुर के अध्यक्ष हरीष मिश्रा एवं सरगुजा संघ के सचिव विश्वास तिवारी की गरिमामय उपस्थिति में हुआ। इस प्रशिक्षण में विभिन्न विद्यालयों के 24 चयनित बालक बालिकाओं ने भाग लिया।

एआइसीएफ के ईकाई वार पाठ्यक्रम के अन्तर्गत यह कार्यक्रम 14जनवरी तक चलेगा। मुख्य प्रशिक्षक राँकी देवाँगन (भिलाई) ने बताया कि प्रतिमाह शंकरगढ़ में 5 दिवसीय कैम्प के अलावा आँन लाईन साप्ताहिक क्लास भी लगेंगे।

चेस इन स्कूल की संयोजक सुषमा सोनी प्राचार्य शासकीय बालक उ मा विद्यालय शंकरगढ़ ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ का बालोद, विद्यालयों में चेस इन स्कूल प्रोग्राम लागू करने वाला देश का पहला जिला है।छत्तीसगढ़ में कुल 23 विद्यालयों का पंजीयन हुआ है। और इनमें चेस इन ट्राइवल के अन्तर्गत बलरामपुर जिले के पाँच विद्यालयो का चयन हुआ है।शासकीय बालक उ मा विद्यालय शंकरगढ़ इन्हीं चुनिन्दा विद्यालयों में से एक है।

जिला शतरंज संघ बलरामपुर के अध्यक्ष हरीष मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश में कुल 60 विद्यालयों में चेस इन स्कुल कार्यक्रम लागू है। हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदारता पूर्वक 23 विद्यालयों की सहमति दी।जो भारत की अधिकतम संख्या है। प्रशिक्षण में निरन्तरता बनाये रखने के लिये अब जिले के सभी चयनित विद्यालयों मे सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे।
एकलव्य विद्यालय शंकरगढ़ के प्राचार्य संजय तिर्की ने बताया कि शतरंज के प्रति ऐसा उत्साह यहाँ के बच्चों में पहली बार दिखा। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यार्थियों की एक शतरंज प्रतियोगिता भी हुई। सभी विजेताओं को मैडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

जिला संघ के अध्यक्ष हरीष मिश्रा ने यहाँ शामिल सभी  विद्यालयों के लिये चेस सेट और चेस क्लाँक भेंट किया। आवश्यकता अनुसार इसकी संख्या भी बढ़ाई जायेगी। आभार प्रदर्शन ब्लाँक चेस कमीटी के सचिव बलदेव सोनवानी ने किया।मंच संचालन सरोज सिंह व्यायाम शिक्षक स्वामी आत्मानंद द्वारा किया गया। यह जानकारी छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के सह सचिव एस के वैष्णव ने दी।

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