अंबिकापुर – सरगुजा में बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. अब तक सरगुजा संभाग में 55 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है जिस कारण से 30 प्रतिशत भी धान की बुवाई और रोपाई का काम नहीं हो सका है. सरगुजा संभाग समेत राज्य की 28 तहसीलों के सूखाग्रस्त घोषित किया गया है जिसमे जिले के दो तहसील लखनपुर और उदयपुर को राज्य सरकार द्वारा जारी 28 तहसीलों में शामिल नहीं है। जिसे लेकर आज भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंह देव ने लखनपुर और उदयपुर तहसील का दौरा किया ।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंह देव ने दौरा कर बताया कि लखनपुर और उदयपुर तहसील के बहरा खेतो में भी पानी नहीं है यह पर खेत पूरी तरह से सुख गए है जिस कारण किसान 25 प्रतिशत भी खेती नहीं कर पाए है यहाँ पूरी तरह से सूखे की स्थिति उत्पनन हो गई है । उन्होंने विभिन्न ग्रामों की  कृषि भूमि का निरीक्षण किया व देखा कि पूरी जमीन पानी के अभाव में परती पड़ी हुई है अभी तक किसान अपने थरहा को रोपा के लिए उखाड़ नहीं पाया है खेतों में दरार पड़नी शुरू हो गई है थरहा अधिक समय होने के कारण रोपा के योग्य नहीं रह चुका है भयानक दुर्भिक्ष की संभावना को देखते हुए प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार 15 अगस्त तक इन दोनों विकास खंडों को सूखाग्रस्त घोषित नहीं करती तो भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के साथ 15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा साथ ही उन्होंने कहा कि सूखा आपदा राहत कोष में तत्काल इस क्षेत्र को रोजगार उपलब्ध कराया जाए

 इन जिलों में कम बारिश से हुआ फसलों को नुकसान

इस वर्ष राज्य में मानसून के कमजोर पडऩे बारिश कम हुई। इससे राज्य सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर में कम बारिश कारण खरीफ की बुवाई एवं फसलों की स्थिति प्रभावित हुई है। सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले की अम्बिकापुर, मैनपाट एवं सीतापुर, सूरजपुर जिले की लटोरी, बलरामपुर जिले की बलरामपुर, कुसमी एवं वाड्रफनगर, जशपुर जिले की दुलदुला, जशपुर, पत्थलगांव, सन्ना, कुनकुरी एवं कांसाबेल, कोरिया जिले की सोनहत, तहसील में 60 प्रतिशत से कम बारिश हुई है। वहीं सरगुजा जिले की लुंड्रा, दरिमा, एवं बतौली, सूरजपुर जिले की प्रतापपुर एवं बिहारपुर तथा बलरामपुर जिले की शंकरगढ़, रामानुजगंज सरकार लखनपुर और उदयपुर तहसील को सूखाग्रस्त घोषित वं राजपुर तहसीलों में मानसूनी दौर में एक अगस्त की स्थिति में 40 प्रतिशत से कम बारिश दर्ज की गई है। 

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