गिरजा ठाकुर अंबिकापुर। नगर पालिक निगम के प्रशासनिक भवन में सोमवार को मेयर-इन-कौंसिल की बैठक महापौर डॉ.अजय तिर्की की अध्यक्षता में महापौर कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कुल 20 बिन्दुओं पर चर्चा की गई। बैठक में एमआइसी सदस्य व बाजार प्रभारी मेराज रंगरेज ने भड़ास निकाली और कहा कि उन्हें बाजार का प्रभार केवल नाम का दिया गया है, कोई सुनने वाला नहीं है। बाजार में ठेले वाले, गुमटी वालों से अवैध वसूली की जा रही है, इसकी जानकारी मांगने के बावजूद निगम के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नहीं दी जाती है। बाजार से कितनी वसूली हो रही है और कहां जमा हो रहा है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। तीन साल से बाजार प्रभारी की जिम्मेदारी उन्हें मिली है लेकिन आज तक वसूली की जानकारी नहीं मिल पाई है। वे गुदरी बाजार की अव्यवस्था को लेकर भी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि गुदरी बाजार में चलने लायक स्थिति नहीं है। सब्जी व्यवसायी सड़क तक पहुंच चुके हैं। शिकायत मिलने पर जब वे उडऩदस्ता प्रभारी को फोन करते हैं तो कोई पहल नहीं की जाती है। उनकी बातों को नजर अंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि गुदरी बाजार में आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित होती है। हर जगह लोग ठेला व प्लास्टिक लगाकर दुकान में बैठे रहते हैं। लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। इस समस्या को गंभीरता से देखते हुए महापौर ने मोहर्रिर को फोन लगाने कहा तो पता चला की मोहर्रिर का मोबाइल स्विच ऑफ है। हापौर ने उडऩदस्ता प्रभारी को बाजार की व्यवस्था सुधारने की कहा, साथ ही व्यवस्था सुधारने में किसी तरह की परेशानी हो रही है तो पुलिस फोर्स लेकर जाने के निर्देश दिए। वहीं शहर में विभिन्न मॉल के सामने लग रहे जाम को देखते हुए महापौर ने संचालकों को नोटिस जारी करने कहा है। बैठक में निगम स्वामित्व के कलाकेंद्र मैदान के आरक्षण हेतु नियम, शर्त निर्धारण के सबंध में विचार विमर्श एवं निर्णय लिया गया। इसमें जानकारी दी गई कि कला केंद्र मैदान के उपयोग के लिए वर्ष 2028 तक के लिए भी आवेदन आ रहे हैं, जबकि इसके लिए मात्र तीन महीने की अवधि मान्य है। वहीं कला केंद्र की अमानत राशि भी कम की गई, पूर्व में 50 प्रतिशत अमानत राशि निर्धारित थी, अब एमआइसी की बैठक में 25 से 30 प्रतिशत अमानत राशि लेने की सहमति बनी। नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत बरेज तालाब के किनारे रिक्त भूमि में चौपाटी निर्माण के संबंध में विचार विमर्श एवं निर्णय लिया गया। बैठक में निगम आयुक्त प्रतिष्ठा ममगई, एमआइसी सदस्य द्वितेन्द्र मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
निगम की व्यवस्था कॉलोनियों में भी
शहर के कई ऐसी कालोनी हैं जो निगम को अब तक नहीं सौंपी गई है है। एमआइसी की बैठक में निर्णय लिया गया कि कॉलोनियों को टेकओवर कर नगर निगम की सारी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि कॉलोनी के लोग सभी तरह का टैक्स पटाते हैं। इस दौरान जाति प्रमाण पत्र के संबंध में भी चर्चा की गई। गांधी स्टेडियम स्थित भारतेन्दु साहित्य कला भवन एवं किसान राइस मिल मार्ग का नाम परिर्वतन करते हुए जेएन मिश्र रखने की सहमति बनी।
एलईडी स्क्रीन दर कोरबा के तर्ज पर
निगम क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न चौक-चौराहों पर एलईडी स्क्रीन दर के पुन: निर्धारण के सबंध में पूर्व एमआइसी में भी मामला सामने आया था। इसमें कहा गया था कि अंबिकापुर नगर निगम के अलावा इसके समकक्ष नगर निगम से रेट लेकर निविदा जारी किया जाए। इसमें पता चला कि कोरबा नगर निगम में सबसे कम 305 रुपये प्रति स्क्वायर फीट प्लस जीएसटी का रेट है। इसके मद्देनजर इसी रेट से अंबिकापुर नगर निगम में निविदा जारी की जाएगी, जबकि इसके पूर्व अधिक रेट होने के कारण कोई भी निविदा नहीं भर रहा था।
इन मुद्दों पर भी चर्चा और निर्णय
पारंपरिक वस्तुओं के निर्माण के लिए शासन द्वारा नगर निगम क्षेत्र में जगह उपलब्ध कराने के निर्देश जारी हुए थे, इसके मद्देनजर नगर निगम द्वारा दो वर्ष के लिए डाटा सेंटर में कक्ष उपलब्ध कराया गया है। वहीं बैडमिंटन हॉल सप्ताह में 7 दिन की जगह 6 दिन खोलने की सहमति बनी है। एक दिन बैडमिटन हॉल के रख-रखाव व सफाई के लिए उपयोग किया जाएगा। गुरुवार को बैडमिंटन हॉल बंद रखने का निर्णय एमआइसी की बैठक में लिया गया।

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