राजेन्द्र ठाकुर (राजू) बलरामपुर-बलरामपुर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 0 से 05 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों एवं 15 से 49 आयु वर्ग की एनीमिक महिलाओं को एनीमिया एवं कुपोषण के निम्न स्तर तक लाने के लिए 02 अक्टूबर 2019 से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान प्रारंभ किया गया है। योजना के प्रारंभ में बलरामपुर जिले में 22535 कुपोषित बच्चें एवं 854 गंभीर एनीमिक महिलाओं का चिन्हांकन किया गया। विभाग द्वारा संचालित पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृत्व वदंना योजना, पोषण पूर्नवास केन्द्र, जननी सुरक्षा योजना के अतिरिक्त एनीमिया एवं कुपोषण से बाहर लाने के लिए जिला खनिज न्यास निधि के वित्तीय मदद से कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्र में सप्ताह में 05 दिवस अण्डा एवं चिन्हांकित गंभीर एनीमिक महिलाओं के लिए गरम भोजन प्रदाय किया गया। माह के प्रथम एवं तृतीय गुरूवार को प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र में सुपोषण चौपाल के माध्यम से गोद भराई, अन्नप्राशन, पोषण दिवस (पुरूषों की भागीदारी), जन स्वास्थ्य दिवस, ग्राम सभा में प्रचार-प्रसार, जागरूकता शिविर, प्रत्येक घर में पोषण वाटिका तैयार करने का अभियान चलाया गया। अभियान अंतर्गत अतिरिक्त पौष्टिक आहार वितरण होने से 31 मार्च 2021 तक 14106 कुपोषित बच्चों एवं 820 गंभीर एनीमिक महिलाएं कुपोषण एवं एनीमिया से मुक्त हो चूके है। जुलाई 2021 में 0 से 05 वर्ष तक के 95966 बच्चों का वजन लेकर सॉफ्टवेयर में एण्ट्री किया गया। जिसमें से 13891 बच्चें कुपोषित चिन्हांकित हुए थे। इन चिन्हांकित बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के लिए परिवारों का सर्वे कराया गया। सभी परिवारों से सतत् सम्पर्क कर प्रतिदिन के खाने में विविधायुक्त स्थानीय स्तर से प्राप्त भोज्य सामग्री उपयोग में लाने हेतु सुपोषण चौपाल एवं टी.एच.आर. के दिन प्रेरित किया गया, जिससे 31 मार्च 2022 तक 4367 कुपोषित बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने में सफलता प्राप्त हुई है। आंगनबाड़ी केन्द्र बड़कागांव के कोड़ाकू पारा की कुमारी सुषमा पिता भोनू राम जिनका जन्म के समय वजन 1.700 ग्राम था, जनवरी 2020 तक वजन 10.400 ग्राम हो गया। ऐसे ही ग्राम बरतीकला कि कुमारी सुनीता पिता पंकज यादव गंभीर कुपोषित थी, ग्राम शारदापुर-सू की कु. नीतिका पिता रामसागर, राजपुर जनपद के ग्राम भेस्की पटेलपारा के भूवनेश्वर पिता महेन्द्र भी गंभीर कुपोषित थे। कई बार एन.आर.सी. में भर्ती कराया गया और अतिरिक्त पौष्टिक आहार दिया गया, जिससे कुपोषण से मुक्त हो चूके हैं। वर्तमान में जिले में 9524 कुपोषित बच्चें शेष रह गये ह,ै जिन्हें खनिज न्यास निधि एवं सुपाषण निधि से अतिरिक्त पौष्टिक आहार के रूप में गरम भोजन एवं घर में खाने के लिए टिफिन द्वारा गरम भोजन प्रदाय किया जा रहा है।

Categorized in: