सुरक्षा अधिकारी की लिखित पर उदयपुर पुलिस की अपराध दर्ज
अंबिकापुर। उदयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम परसा साल्ही में स्थित कोयला खनन परियोजना में आगजनी, तोड़फोड़ की घटना के बाद कोल माइंस में सुरक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ अनुपम दत्ता की रिपोर्ट पर उदयपुर थाने में 10 लोगों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है। ये वे लोग हैं जो कोयला खदान के विरोध में लगातार आंदोलन के नेतृत्वकर्ता रहे हैं। इनके विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
सुरक्षा अधिकारी अनुपम दत्ता द्वारा लिखित में बताया गया है कि दोपहर तीन बजे करीब 200 से 250 की संख्या में लोग साल्ही परियोजना कार्यस्थल पर हथियार से लैस होकर आए और कंपनी परिसर में बलपूर्वक घुसकर परिसंपत्तियों में तोड़फोड़ व आगजनी करने लगे। एक व्यक्ति के साथ गाली गलौज, मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई, इसके बाद भगदड़ की स्थिति बनी। पुलिस ने दर्ज की गई प्राथमिकी में रामलाल करियाम, बालसाय कोर्राम, मुनेश्वर पोर्ते, जगरनाथ बड़ा, अंतराम, आनंद कुसरो, धरम मरपच्ची, पवन कुसरो, नंदा कुसरो, कृष्णा कुसरो को आरोपित बनाया है। इन लोगों के विरुद्ध उदयपुर पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 452, 294, 506, 323, 436 भादवि व 25 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। ज्ञात हो कि ग्रामीण विगत दो मार्च से परसा कोल खदान के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन ग्राम हरिहरपुर में शांतिपूर्ण तरीके से करते आ रहे थे। परंतु शासन-प्रशासन द्वारा इनकी मांगों को नहीं सुना गया। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा परसा खदान हेतु स्वीकृति प्रदान किए जाने के बाद यहां चल रहे काम से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया।

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