कम अंक

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कल ही मेरे बच्चे का रिजल्ट आया ,बहुत अच्छे नंबर ना ला सका था वह परीक्षा में। घर में सब के चेहरे बुझ से गए मानो ना जाने कितना बड़ा तूफान आ गया था। बेटा एक तरफ सर झुकाए हुए बैठा था । उसके चेहरे पर  किसी  अपराध किए हुए मनुष्य के जैसे भाव थे । हमारे चेहरे पर तो न जाने कितने रंग आ रहे थे और जा रहे थे ।क्या होगा मेरे बच्चे का भविष्य? यह सवाल बहुत ज्यादा तकलीफ नहीं दे रहा था हमें ,पर कैसे बताएंगे पड़ोस व रिश्तेदारों को इसके नंबरों के बारे में? इस बात का कांटा हमारे दिलो-दिमाग में चुभे जा रहा था। सबके चुभते सवाल और व्यंगात्मक मुस्कान अभी से  महसूस कर रहे थे हम। मानो माता-पिता से भी ज्यादा पूरी दुनिया को फिक्र हो उस बच्चे की । अलग अलग तरीके के सुझाव देते हुए नजर आ रहे थे लोग। सोशल मीडिया पर वह सभी अभिभावक जिनके बच्चों के मार्क्स बहुत अच्छे आए थे अपने आप को गर्वान्वित महसूस कर रहे थे । ऐसा लग रहा था मानो उन्होंने संसार पर विजय पा ली। बच्चे और हमारे बीच का रिश्ता कुछ अजीब सा हो गया , जिसका मुख्य कारण बच्चे के कम मार्क्स नहीं थे बल्कि दुनिया के द्वारा उठाए जाने वाले सवाल थे । बहुत सारे सवालों से घिरा हुआ महसूस कर रहा था मैं खुद को । क्या हम अच्छे अभिभावक नहीं बन पाए ?क्या हमने बच्चों से बहुत ज्यादा कड़ाई नहीं की? क्या हमारा  दोस्ताना व्यवहार  उनके लिए हानिकारक हो गया  ? क्या हम दौड़ में पीछे रह गए ,एक ऐसी दौड़ जिसकी मंजिल का पता ही नहीं ? क्या मेरा और मेरे बच्चों का रिश्ता उनके अंको पर निर्भर करता है ? बहुत ही अनमना और निराश सा बैठा था मैं ,किसी से कोई बात करने का मन नहीं कर रहा था । अब कुछ दिन बीत चुके थे इसी कशमकश में ।घर का कोई भी सदस्य खुश नहीं दिख रहा था ।फिर मैंने अपने मन को एकाग्र किया और सोचा की जिंदगी यही पर खत्म नहीं होती। जिंदगी की सफलता अंको पर आधारित कभी नहीं हो सकती । सबसे पहले जरूरत है बच्चों को अच्छे संस्कार देना, अनुशासित बनाना । हां मैं किसी दौड़ में बच्चों को नहीं भगाऊंगा , उन्हें उनका जीवन उनके हिसाब से जीने दूंगा ।दुनिया के लिये या दुनिया के हिसाब से नहीं जियूँगा । सबसे पहले उन्हें एक अच्छा इंसान और एक सच्चा इंसान बनाऊंगा , जो कभी अपने किसी कार्य से, किसी के विश्वास को ठेस नहीं पहुंचाएंगे। आशा है मेरे इस कार्य में घर का हर सदस्य मेरे साथ होगा, मेरे पास होगा । और मेरे सभी अपने मेरे इस हवन में अपनी आहुति अवश्य डालेंगे ।।


डॉ अवनीश सिंघल

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