पीड़िता की पहचान उजागर करने वालो के खिलाफ कार्यवाही को लेकर थाना में दिया ज्ञापन


बिलासपुर!अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद छत्तीसगढ़ की संयोजिका महिला प्रान्त प्रमुख अन्नपूर्णा तिवारी, उपासना मेहता, सुनीता सिंह सहित संजीव पांडेय ने आज थाना प्रभारी सिविल लाइन बिलासपुर को ज्ञापन दिया जिसमें विगत दिनों बिलासपुर के एक अस्पताल में हुई सामुहिक बलात्कार की घटना में पीड़िता का नाम कतिपय ब्यक्तियों के द्वारा उजागर किये जाने के सम्बंध में अपनी आपत्ति दर्ज कर घोर निदा की है वंही छत्तीसगढ़ शासन में बैठे लोग निरंकुश हो गए है और छत्तीसगढ़ में जब से प्रदेश की सरकार आई है तब से प्रदेश में तरह तरह के आपराधिक गतिविधियां बढ़ गई है और महिलाये अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है !
उक्त घटना को लेकर प्रान्त संयोजिका ने कड़े शब्दों में इस घटना की घोर निंदा के साथ भारतीय दंड विधान की धारा 228(A) के अंतर्गत किसी भी प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता की नाम व पहचान को उजागर करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है ऐसे लोगो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर दंडित किये जाने की मांग की गई है ! उक्त आशय की जानकारी अधिवक्ता संजय गुप्ता द्वारा दी गई है !

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