अंबिकापुर. आग से जलने से एक महिला की मौत इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हो गई। मृतिका के पिता ने आरोप लगाया है कि इसका पति ने ही गुस्से में मिट्टी तेल छिड़क कर आग लगा दिया है। जबकि मृतिका का पति का कहना है कि गुस्से में अपने शरीर पर मिट्टी तेल छिड़क ली थी और खाना बना रही थी। तभी इसके शरीर में आग पकड़ लिया मैंने बुझाने की भी कोशिश की थी। फिलहाल अस्पताल पुलिस सहायता केन्द्र ने मर्ग कायम कर संबंधित थाने को सौंप दिया है।जानकारी के अनुसार शीला बैगा पति कैलाश बैगा उम्र २८ वर्ष सिगरौली थाना जनकपुर कोरिया जिला की रहने वाली थी। इसका मायका जनकपुर में है। इसका विवाद वर्ष २०१३ में हुआ था। इसके दो बच्चे भी हैं। १९ अक्टूबर को शीला का पति कैलाश ड्यूटी से घर लौटा तो पता चला की इसकी पत्नी मायके चली गई है। बिना बताए मायके चले जाने से कैलाश नाराज था और पत्नी को वापस लाने ससुराल जा रहा था। तभी रास्ते में उधर से उसकी पत्नी आ रही थी। इस दौरान गुस्से में कैलाश अपनी पत्नी को गुस्से में डांट दिया। इसके बाद दोनों घर आए। शाम को कैलाश घुमने निकल गया और बाजार से सब्जी लेकर आया और सब्जी बनाने के लिए पत्नी को बोला। शीला सब्जी बनाने लगी तभी उसके शरीर में आग पकड़ लिया। पति बुझाने की कोशिश की बुझाने के दौरान उका हाथी भी जल गया। इसके बाद उसे इलाज के लिए बैकुंठपुर अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।