सूरज सेठी

बिश्रामपुर – दुर्लभ बीमारी से जूझ रही 23 महीने की मासूम सृष्टि को अब जल्द राहत मिल सकती है. बच्ची इलाज का रास्ता साफ हो गया है. एसईसीएल कर्मी की बेटी को बचाने के लिए कोल इंडिया ने 16 करोड़ रुपए के इंजेक्शन लगाने की स्वीकृति दे दी है. कोल इंडिया की दिल को छू लेने वाली इस पहल के बाद परिवार में खुशी की लहर है. परिवार के लोगों को उम्मीद है कि बच्ची को नई जिंदगी मिल जाएगी.

बता दें कि एसईसीएल के दीपका कोयला क्षेत्र में कार्यरत ओवरमैन सतीश कुमार रवि की बेटी सृष्टि रानी ‘स्पाइनल मस्क्यूलर एट्रॉफी’ (एसएमए) नामक एक बेहद ही दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त है. अमूमन छोटे बच्चों में होने वाली इस बीमारी में स्पाइनल कॉर्ड और ब्रेन स्टेम में नर्व सेल की कमी से मांसपेशियां सही तरीके से काम नहीं कर पातीं और धीरे-धीरे यह बीमारी प्राणघातक होती चली जाती है. इसका इलाज बेहद ही महंगा है और इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन ‘जोलजेंस्मा’ की कीमत 16 करोड़ रुपये है. अब कोल इंडिया ने अपने परिवार की बिटिया के इलाज के लिए 16 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है

22 नवंबर, 2021 को अपने जन्म के 6 महीने के भीतर ही सृष्टि काफी बीमार रहने लगी. इस बीच कोविड महामारी की वजह से उसके माता-पिता उसे बेहतर इलाज के लिए बाहर नहीं ले जा सके और स्थानीय स्तर पर उसका इलाज चलता रहा. हालत में सुधार न होता देख सतीश दिसंबर, 2020 में सृष्टि के इलाज के लिए सीएमसी वेल्लोर गए, जहां जांच के बाद पता चला कि उसे ‘स्पाइनल मस्क्यूलर एट्रॉफी’(एसएमए) है और ‘जोलजेंस्मा’ इंजेक्शन की जरूरत होगी. जो भारत के बाहर उपलब्ध है. 30 दिसंबर, 2021 को जब सतीश, सृष्टि को वेल्लोर से लेकर छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला स्थित दीपका के अपने आवास लौट रहे थे तो रास्ते में ही सृष्टि की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उसे एसईसीएल से इंपैनल्ड अपोलो अस्पताल बिलासपुर में भर्ती करना पड़ा. वहां काफी समय इलाज चलने के बाद सतीश ने एम्स दिल्ली से सृष्टि का इलाज कराया. फिलहाल बच्ची का इलाज घर पर ही चल रहा है, जहां वह पोर्टेबल वेंटिलेटर पर है.

आइडिया के राष्ट्रीय महासचिव व अन्य सदस्यों ने सृष्टि रानी के इलाज हेतु मामला जेबीसीसीआई सदस्य सुरेंद्र पांडेय के संज्ञान में लाया। श्री पांडेय के मार्गदर्शन और सुझाव के अनुसार आनंद कुमार प्रजापति और अरुण कुमार पांडेय तथा सृष्टि रानी के पिता सतिश कुमार रवि के अथक प्रयास से आगे की प्रकिया हेतु सभी संगठन के जेबीसीसीआई सदस्यों के पास मामला रखा गया। जिसके फलस्वरुप 15 नवम्बर 2021 को जेबीसीसीआई 11 में सुरेंद्र पांडेय के द्वारा मामला को रखा गया,जिसका समर्थन सभी संगठन के जेबीसीसीआई सदस्यों ने किया।

ज्ञात हो कि पूर्व में ही बीएमएस के के. लक्ष्मा रेडी द्वारा कोल इंडिया चेयरमैन को पत्र लिखकर जल्द ही इस संदर्भ में निहित राशि को स्वीकृत करने को कहा गया था। कोल इंडिया चेयरमैन श्री प्रमोद अग्रवाल और डीपी विनय रंजन के पहल से 16 करोड़ की राशि स्वीकृत कर दिया गया हैं।

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