रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- शनिवार की सुबह लगभग 8 बजे एक 8 माह की गर्भवती महिला अपने 3 वर्ष एवं 6 वर्ष की मासूम बेटीयो के साथ नगर के उत्साही युवाओं के द्वारा दिए जा रहे गर्म भोजन कर रही थी इसी दौरान वह फफक फफक कर रोने लगी तो पता चला कि वह महिला मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला की है लॉकडाउन में वह महिला पंजाब में फंसी थी किसी प्रकार से छत्तीसगढ़ आई और कल शाम रामानुजगंज पहुंची थी इसकी जानकारी कलेक्टर संजीव कुमार झा और नप अध्यक्ष रमन अग्रवाल को दी गई तो कलेक्टर झा द्वारा तत्काल पहल करते हुए जहाँ पांच मिनट के अंदर गर्भवती महिला को मध्य प्रदेश बॉर्डर तक भेजने के लिए वाहन की व्यवस्था कराई गई तो वही नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने सैनिटाइजर व माक्स के साथ 1100रुपय नगद,राशन भी प्रदान की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश सिंगरौली की सुनीता बसोर उम्र 30 लॉकडाउन पूर्व वैष्णो देवी दर्शन करने अपने उत्तर प्रदेश के रिश्तेदारों के साथ गई थी वापसी में  अमृतसर पहुंचने के दौरान लॉकडाउन हो गया और वह अमृतसर में फस गई जिसके बाद वहां एक झोपड़ी किराए में लेकर अपने 6 वर्ष की बेटी सुमन एवं 3 वर्ष की बेटी रागनी के साथ रह रही थी तथा भीख मांग कर गुजारा कर रही थी। अमृतसर से मजदूरों को लेकर जब स्पेसल ट्रेन चली तो वह उसमें बैठकर छत्तीसगढ़ आ गई एवं चांपा स्टेशन में एक बस में ₹1000 देकर वह किसी प्रकार कल शाम 5 बजे के करीब रामानुजगंज पहुंची थी। जिसके बाद उसके पास सारे पैसे खत्म हो गए थे। रात भर रामानुजगंज में बंद पड़े आरटीओ नाका के पास स्थित पेड़ के नीचे रात गुजारा। आज सुबह जब नगर के उत्साही युवक आशीष गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, अनिल ठाकुर, भोला,जौली गुप्ता के द्वारा प्रतिदिन की भांति प्रवासियों को जब भोजन दिया जा रहा था तब उसी दौरान 8 माह की गर्भवती महिला भी अपने दोनों बच्चो के साथ भोजन लेने आई और जब उसे गर्म भोजन मिला तो वह फफक फफक कर रोने लगी युवकों ने जब उससे रोने का कारण पूछा तो वह मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला में स्थित अपने गांव तक पहुंचाने की गुजारिश करने लगी उसके बाद युवकों ने इसकी जानकारी दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता विकास केसरी को दी तो विकास केसरी के द्वारा कलेक्टर संजीव कुमार झा और नप अध्यक्ष रमन अग्रवाल को इसकी जानकारी दी गई जिसके बाद संवेदनशील कलेक्टर ने 5 मिनट के अंदर महिला को मध्य प्रदेश बॉर्डर तक जाने के लिए वाहन की व्यवस्था कराई तो वही नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने सैनिटाइजर व माक्स के साथ आर्थिक मदद प्रदान की।

शुक्रवार को भूखे रहने से हो गया था पेट मे दर्द- 8 माह की गर्भवती महिला सुनीता ने बताया कि बस में बहुत भीड़ थी किसी प्रकार अपनी दोनो बच्चियों को लेकर मैं रामानुजगंज तक पहुंची शुक्रवार को खाना नहीं मिलने से पेट में दर्द हो रहा था। 15 सौ रुपए थे जिसमें से ₹500 जिस झोपड़ी में रहती थी वहां का किराया दिया वही ट्रेन में फ्री में आई बस में ₹1000 देकर यहां तक पहुंची।

लॉकडाउन में भीख मांग कर किया गुजारा- लॉकडाउन के दौरान अमृतसर में फंसी गर्भवती सुनीता ने अपनी दोनों मासूम बेटियों के साथ भीख मांग कर गुजारा किया एवं एक झोपड़ी  किराए में लेकर रह रही थी। सुनीता ने बताया कि कई दिन तो जब वहा ज्यादा कड़ाई   होती थी तो भीख भी नहीं मांग पाती थी और भूखे ही अपनी बेटियों के साथ रात गुजारना पड़ता था।

रोती बिलखती महिला ने मुस्कान के साथ लिया विदा – 8 माह की गर्भवती मध्य प्रदेश की सुनीता जब रामानुजगंज शुक्रवार की देर शाम आई थी तब से लेकर आज सुबह तक लगातार रो रही थी उन बच्चो की स्थिति देख और उनकी व्यथा सुन हर कोई की आंखे नम हो गई थी परंतु जब यहां से उसने विदा लिया तो चेहरे पर मुस्कान थी। महिला को विदा करने के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल एसआई मनोज सिंह, आशीष गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, अनिल ठाकुर भोला, जौली गुप्ता,विक्की कश्यप,अनूप कश्यप,मनोज गुप्ता उपस्थित थे।

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