बलरामपुर जिले में खरीफ फसल की गिरदावरी का काम राजस्व अमले द्वारा तेजी से किया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम खेतों में जाकर सर्वे कार्य उपरांत रिपोर्ट तैयार कर रही है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल आज गिरदावरी कार्य का औचक निरीक्षण करने स्वयं खेतों में पहुँचें। उन्होंने विकासखण्ड बलरामपुर के दहेजवार में चल रहे गिरदावरी कार्य का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देशित किया तथा किसानों से चर्चा भी की। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कहा कि समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का खरीदी तथा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत रकबे के आधार पर किसानों को लाभ दिया जाता है। इसके लिए वास्तविक कृषक, उनके सही रकबे एवं उसमें लगाई गई फसल का सत्यापन होना अत्यंत आवश्यक है। जिले में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां धान के अतिरिक्त अन्य फसलों का वृहद् क्षेत्र में उत्पादन किया जाता है। अतः अभियान के रूप में त्रुटिरहित गिरदावरी किया जाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मौके पर निर्देश दिया कि धान की फसल की रकबे के साथ पड़ती भूमि के रकबा का चिन्हांकन किया जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत् किसानों ने धान के बदले अन्य फसल या पौधों का रोपण किया है तो उसका भी ध्यान रख गिरदावरी की जाए। कलेक्टर ने किसान से भी खेती किसानी के संबंध में बातचीत की तथा गिरदावरी के महत्व से अवगत कराया। किसानों की भूमि और खरीफ फसलों के आंकलन के लिए राजस्व विभाग 1 अगस्त से गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। कलेक्टर चंद्रवाल ने कहा कि किसानों को गिरदावरी का काम पूरा होने के बाद कई फायदे होंगे। गिरदावरी पूरा होने के बाद फसल कटाई, फसल खराब, फसल उत्पादन की सही जानकारी मिलेगी। किसानों को फसल में हुए नुकसान, अकाल की स्थिति और आरबीसी 6-4 के तहत सही मुआवजा भी मिलेगा। साथ ही किसानों के सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेंगे। इससे खाद-बीज के लिए लोन लेने के अलावा फसल बेचने में भी सुविधा होगी।

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