देखिए साहब ! काले हीरे की अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी…

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अनिल सोनी, बलरामपुर जिले के राजपुर- शासन-प्रशासन चाहे लाख दावा करे मगर अवैध कोयला का  कारोबार रुक नही सकता.इसका उदाहरण बलरामपुर जिले के राजपुर इलाके के एसईसीएल का ओपन  खदान महान दो के बाहर ग्राम दुप्पी- चौरा में देखने को मिलेगा प्रतिदिन एसईसीएल खदान से 6 से 8 ट्रक अवैध कोयला लोडिंग हो कर सीधे डिपो पहुच रहा है. प्रशासन को जानकारी होने के बाद भी कोई कार्यवाई नही की जा रही है. कोल माफिया बेधड़क अवैध कोयला निकाल कर सीधे डिपो भेज रहे हैं. एसईसीएल को लाखों रुपए का प्रतिदिन नुकसान पहुचाया जा रहा हैं. एसईसीएल क्षेत्र गांव वाले आज मूलभूत सुविधा से वंचित हैं. काले हीरे खदान में आज तक तीन लोगों की जाने जा चुकी है.

कोयला का अवैध कारोबार वर्षो से चल रहा है और इसकी जानकारी राजस्व व माईनिंग विभाग को भी लेकिन इस पर रोक लगाने सार्थक पहल नही की गई. कार्यवाई के नाम पर कभी – कभार गरीब तबके के साइकिल सवार ग्रामीणों से काले हीरे जप्त कर लिया जाता है.कोयला का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से चल रहा है. इस कारोबार में अधिकांश पहाड़ी कोरवा, पंडो जनजाति एवं आदिवासी युवती ,युवको से उत्खनन जोरो से कराई जा रही है.

एसईसीएल का ओपन कोयला खदान महान दो दुप्पी- चौरा कार्य मे लगे श्रमिकों ने एवं गांव के ग्रामीणों ने बताया कि कोयला तस्करो के द्वारा उन्हें खदान से कोयला खोदकर उसे वाहन में एक ट्रक 12 चक्का कोयला लोड करने में 18 व 16 चक्का ट्रक में 25  हजार रुपए  ही मिलता है . जबकि यही कोयला बाजार में 80 से 90 हजार रुपए में बिकता है. कोयला तस्करों का माईनिंग एवं राजस्व विभाग में तगड़ी पैठ है इसलिए इनका अवैध कारोबार कभी प्रभावित नही होता . गर्मी शुरू होते ही अवैध कोयला का कारोबार धड़ल्ले से चालू हो गया. इलाके के ग्रामीणों ने बताया कि कोयला के अवैध उत्खनन के बारे में माईनिंग, राजस्व विभाग सहित सरगुजा संभाग के उच्चाधिकारियों  को भी मालूम है. कई बार शिकायत की गई लेकिन उच्चधिकारियों के द्वारा मामले में गंभीरता नही दिखाने से अवैध कारोबार पर लगाम नही लग पा रहा है. इसी कारण कोल माफिया सक्रिय होकर अवैध कार्य को अंजाम दे रहे हैं.
    इस अवैध कोयला कारोबार में सरगुजा संभाग के अम्बिकापुर, सुरजपुर व  बलरामपुर के एक दर्जन से अधिक कोल माफिया सक्रिय है. कोल माफिया अपना वाहन लेकर शाम होते ही सेटिंग के लिए गांवों में पहुच जाते है. रातोंरात अवैध कोयला को लोडिंग करा कर सीधे ईट भट्ठा एवं डिपो में पहुचाया जा रहा है.

खदान के बाहर व भीतर सक्रिय हैं कोल माफिया… महान दो ओपन कोयला खदान में दर्जनों कोल कोल माफिया व लिफ्टर डीओ के आड़ में सक्रिय हैं. कुछ भीतर से कोयला पार कराते हैं . कुछ खदान के बाहर आसपास से ग्रामीणों से कोयला चोरी कराते हैं. दर्जनों ग्रामीण चौरा, बरबसपुर, पखनापारा, चितकाहीपारा आदि के ग्रामीण  रात व सुबह चार बजे कोयला खदान के अंदर प्रवेश कर बोरा, तगाड़ी, थैला, झलगी लेकर एक साथ कोयला खदान में घुसकर  कोयला अपने घरों में लाकर अलग- अलग स्थानो में इकट्ठा कर रात्रि में ट्रक में लोड कर देते हैं. कोल माफिया की तगड़ी पैठ है इस लिए कोल माफिया कभी नही पकड़े जाते.

चार रास्तों से पार होता है कोयला… महान दो कोयला खदान से चोरी का कोयला इन चार  रुट से पार होता हैं. पहला रास्ता चौरा, दुप्पी, छिंदियाडाँड़, धंधापुर, खोडरो, खुखरी, बरियों, धौरपुर, लुंड्रा, होते हुए रघुनाथपुर कोयला भेजा जाता है, दूसरा रास्ता खड़गावा से सोनगरा होते हुए वाड़फनगर , एवं तीसरा रास्ता खड़गावा से सोनगरा होते हए बनारस मेन रोड हैं, चौथा रास्ता दुप्पी, चौरा, छिंदियाडाँड़ ,  मुरका, गोपालपुर , करवा, पतरातू , झींगों  होते हुए राजपुर इन चार रुट से रोजाना कोयला पार हो रहा हैं.

ग्रामवासी मूलभूत सुविधा से वंचित है.. एसईसीएल का ओपन कोयला खदान महान दो सन 2010 में खुला था. महान दो से भारत सरकार ने करोड़ो रूपए की कमाई की  मगर कमाई की रुपए से 30 प्रतिशत राशि गांवों के विकास कार्य मे खर्च करना होता है. मगर दुप्पी- चौरा, चितकाहीपारा, पखनापारा के ग्रामीण सड़क, पानी, बिजली, स्कूल , स्वास्थ्य आदि बुनयादी सुविधा से आज तक ग्रामीण वंचित है. एसईसीएल मात्र कागजो में विकासकार्य कर रही है. 

एसईसीएल कोयला खदान में आज तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है…
एसईसीएल ओपन कोयला खदान महान दो में आज तक तीन लोगों की जाने जा चुकी है. सभी के आरोपी आज तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है. पहला घटना विश्वकर्मा पूजा के दौरान ट्रक से दबा कर हत्या कर दी गई थी. दूसरा घटना गार्ड ने कोयला चोरी रोकने का प्रयाश किया था उसे मारकर कोयला में दफन कर दी गई थी. तीसरा घटना गार्ड को पम्प हाउस में मार कर पानी मे फेख दिया गया था.इसके अलावा गोलिकाण्ड कई बार ही हुका है. एसईसीएल के अधिकारीगण रात्रि कालीन में अधिकाश अपने निवास में ही रहना पसंद करते है इसी कारण कोल माफिया सक्रिय है.

महान दो में कोयला निकालने का 20 वर्ष का लीज है…
एसईसीएल महान दो में एक वर्ष में लगभग 10 लाख टन कोयला निकलता है. महान दो से 20 वर्षो तक कोयला निकालने का लीज है. महान दो कोयला खदान में दिन- रात मिलाकर करीब 87 लोगो की ड्यूटी लगाई जाती है. उसके बाद भी कोयला की चोरी जम कर हो रही है. कोयला चोरी में गार्ड से लेकर कर्मचारी, अधिकारी तक कि संलिप्ता बताई जा रही है.

मामला प्रकाश में आया है अवैध कोयला कार्य करने वाले अब बच नहीं पायंगे. मौके पे पहुचकर तत्काल कार्यवाई की जायेगी. आरएस लाल ,एसडीएम – राजपुर.

जांच टीम गठित कर तत्काल कार्यवाई की जायेगी  अवैध कार्य करने वाला कोई भी हो कानूनी कार्यवाई की जायेगी. योगेंद्र सिंह ,माइनिंग ऑफिसर- बलरामपुर.

मैं इसे तत्काल देखवाता हु अवैध कोयला कार्य करने वालो पे कार्यवाई की जायेगी. संजीव कुमार झा ,कलेक्टर- बलरामपुर.







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