0खाद के आभाव में मेहनत की फसल लेने में पिछड़ रहे किसान

0 पनप रहा आक्रोश

चंचलेश श्रीवास्तव

सूरजपुर। किसानों को खाद मुहैय्या कराने में प्रदेश की भूपेश सरकार फेल हो गई है। जिसका खामियाजा प्रदेश के श्रमवीर किसानों को भुगतना पड़ रहा है। खाद के आभाव में किसान मेहनत की फसल लेने में पिछड़ते जा रहे है। उक्त बातें भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री व नगरपालिका उपाध्यक्ष रितेश गुप्ता ने कही है। श्री गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह से अव्यवस्थित और फेल है अगर सोसायटियों से खाद गायब है तो छत्तीसगढ़ के धान के कटोरा से धान भी गायब हो जाएगा। जिस छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है उस राज्य में किसानों की एकमात्र आर्थिक उम्मीद खेती के लिए समय पर खाद उपलब्ध न कर पाना भूपेश सरकार की लापरवाही, अव्यवस्था तथा संवेदनहीनता को दर्शाता है। खाद आपूर्ति को लेकर किसानों के सामने यह सरकार पूरी तरह से विफल नजर आ रही है। जिससे सम्पूर्ण प्रदेश भर में किसानों के भीतर आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रदेशभर के सोसायटी में खाद नहीं मिलने तथा बाहर बड़े व्यापारियों से महंगे दामों में किसानों के खाद खरीदने को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में हाहाकार मचा हुआ है। किंतु यह सरकार कुम्भकर्णीय नींद में सोई हुई है। सरगुजा संभाग के वरिष्ठ मंत्री कृषि मंत्री को पत्र लिखकर कृषि मंत्री से इस समस्या का समाधान चाहते हैं बावजूद इसके कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। किसानों के मुद्दे पर समय रहते इस सरकार के द्वारा अगर आवश्यक पहल की गई होती, तो यह परिस्थितियां निर्मित नहीं होती। यह बात जगजाहिर है कि हर वर्ष प्रदेश में खेती किसानी के लिए खाद आवश्यक वस्तुओं में शुमार है बावजूद इसके छत्तीसगढ़ का किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहा है। इसके पूर्व में जब छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों से भाजपा की सरकार थी डॉ रमन सिंह के नेतृत्व में किसानों को पर्याप्त सुविधाएं मुहैया हो रही थी और इस तरह के हालत कभी देखने को नहीं मिले। किसानों के द्वारा खेतों में थहरा तो कर दिया गया है। लेकिन अब खाद की उपलब्धता न हो पाने से भय की स्थिति उत्पन्न हो रही है।इसलिए सरकार किसानों को अतिशीघ्र खाद की उपलब्धता कराना सुनिश्चित करे। किसानों के खेतों को खाद का भूखा मत रखिये सरकार नहीं तो किसान भी जवाब देंगे मगर समय पर देंगे।

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