0 शराब घर पहुंच, किंतु दुष्प्रभाव पर सरकार है मौन

सूरजपुर। भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री रितेश गुप्ता ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हाथ में गंगाजल लेकर कसम खाने वाली सरकार ने प्रदेश की माताओं बहनों और बच्चों को अपने घोषणापत्र में शराबबंदी कर सुरक्षा प्रदान करने की बात कही थी। किंतु गुरुवार को महासमुंद में जो हृदय विदारक घटना घटित हुई है। उससे पूरा प्रदेश हिल गया है।
एक श्रमिक महिला अपने शराबी पति के पीने की लत से परेशान होकर अपनी पांच बेटियों सहित ट्रेन के सामने कूदकरआत्महत्या कर ली। सरकार के पास लॉक डाउन में भी होम डिलीवरी शराब परोसने की व्यवस्था है। किंतु शराब पीने के बाद उत्पात मचाने वाले असामाजिक तत्वों,शराबियों पर नकेल कसने की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते प्रदेश की महिलाएं बच्चे पूरी तरह से असुरक्षित है। इससे प्रदेश भर के लोगों में नाराजगी पनप रही है। प्रदेश की भोली भाली माताओं बहनों से झूठा वादा कर सत्तासीन होने वाली कांग्रेस की भुपेश सरकार सीधे तौर पर प्रदेश में लगातार हो रहे इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदार है। जिससे महिला समेत 5 बेटियों का भविष्य काल के गाल में समा गया।उक्त महिला शराब के दुष्प्रभाव से किस कदर परेशान रही होगी, कि उसने अपने जान से प्यारे बच्चों समेत खुद को मौत के मुंह में झोंक दिया। समाज की सबसे बड़ी बुराई शराब जैसे विषयों पर आज संवेदनहीन सरकार की वादाखिलाफी समझ से परे है। श्री गुप्ता ने कहा कि यह जनता है भूपेश जी सब जानती है और हिसाब समय पर करती है।अन्य घटनाओं पर बाकी समय तो आप मुआवजा देकर अपनी पीठ थपथपा लेते हैं। किंतु, आत्महत्या पर कैसे मुआवजा देंगे और जो पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर ले उसे कैसे मुआवजा देंगें। एक तरफ देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे नारे दिए जा रहे हैं और दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में पांच बेटियां आत्महत्या को मजबूर हो गई।

परिवार व समाज के विनाश का कारण है शराब-शांति

भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं बलरामपुर जिले की प्रभारी श्रीमती शांति ने शराब को परिवारिक कलह व सभी विवादो की जड़ बताते हुए कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को चुनाव पूर्व किए गए अपने पूर्ण शराब बंदी की घोषणा को तत्काल अमल में लाना चाहिए। विगत दिनों ग्राम बेमचा जिला महासमुंद में शराब के नशे के आदी एक व्यक्ति के परिवार के सभी छह सदस्यों ने घर के मुखिया के आदतन शराबी प्रवृत्ति होने की वजह से ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी।मृतक महिला अपने पति के द्वारा आए दिन नशे की हालत में मारपीट तथा मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर इतना ज्यादा हताश और निराश हो गई कि अपनी पांच बेटियों सहित ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान देने के लिए मजबूर हो गई। यह घटना अत्यधिक दुखद तथा हृदय विदारक है। श्रीमती सिंह ने कहा कि महिला एवं उनके मृत बेटियों के साथ महिला मोर्चा के बहनों की पूरी संवेदना है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार की गलत शराब नीति कारण प्रदेश में इस तरह से कई परिवार बर्बादी के कगार पर खड़े हैं और यह कांग्रेसी सरकार सत्ता के नशे में चूर कुंभकरणी निद्रा में सो रही है।यद्यपि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को भी इस दर्दनाक घटना से सबक लेते हुए चुनाव पूर्व किये गए संकल्प के साथ शराब बंदी की घोषणा को मूर्त रूप देते हुए प्रदेश को नशा मुक्त करना चाहिए। विदित हो कि चुनाव पूर्व कांग्रेस के नेताओं द्वारा हाथ में पवित्र गंगाजल लेकर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर शराबबंदी की बात कही गई थी। जबकि वर्तमान में कांग्रेस सरकार के द्वारा शराबबंदी करना तो दूर घर-घर में शराब पहुंचाते हुए पूरे प्रदेश को बर्बादी के गर्त पर लाकर खड़ा कर दिया है। शांति सिंह ने कहा कि प्रदेश में अपहरण, बलात्कार, लूट,चोरी और हत्या की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। इसका कारण शराब और बाहरी लोगों का प्रदेश में अनाधिकृत रूप से प्रवेश है।प्रदेश की जनता के साथ विशेषकर महिलाओं के मन में आक्रोश है और यही महिलाएं ठान ले तो आने वाले समय में वह दिन दूर नहीं जब कांग्रेसी सरकार को शराबबंदी के झूठे वादे के कारण सत्ता से हाथ धोना पड़े। घर, परिवार और समाज में कलह और अपराध की प्रमुख जड़ शराब है।अतः प्रदेश में पूर्ण रूप से शराबबंदी कार्य लागू होना चाहिए।

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