रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- कोरेना संक्रमण के खतरे को देखते हुए हुए लॉकडाउन के बाद नगर की सभी दुकानें बंद है वही चूहों के आतंक से व्यापारी परेशान है लंबे समय से बंद पड़े किराना दुकान यहां तक कि कपड़ा दुकान एवं अन्य दुकानों में भी चूहों के द्वारा लाखों का नुकसान व्यापारियों को कर दिया गया चूहों से व्यापारी त्रस्त है।
गौरतलब है कि जिले में हुए लॉकडाउन के बाद नगर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद है। वही गोदाम भी व्यापारियों के बंद हैं ऐसे में लंबे समय तक दुकान बंद रहने के कारण चूहे बड़ी संख्या में बढ़ गए हैं एवं व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं नगर के बस स्टैंड के किराना दुकान एवं मध्य बाजार के किराना दुकानों वही चांदनी चौक,लरंग साय चौक के किराना दुकानों में चूहों के द्वारा लाखों रुपए के सामान बर्बाद कर दिए गए हैं जिससे व्यापारी त्रस्त हो गए हैं व्यापारियों का कहना है कि समान हम लोगों का भले न बीके परंतु जिस प्रकार से चूहों के द्वारा समान काटा जा रहा है इससे हमें काफी नुकसान उठाना पड़ा रहा है। व्यापारी चूहों से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं परंतु इसके बाद भी चूहे किराना दुकानों में आतंक मचा रहे हैं यह नहीं है कि सिर्फ किराना दुकानों में ही चूहे सामान बर्बाद कर रहे हैं वरन कपड़ा दुकान एवं अन्य दुकानों में भी चूहों का आतंक है।

गोदाम में भी है चूहों का है आतंक……. नगर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद है वहीं व्यापारियों के गोदाम भी बंद है। कई गोदाम कई दिनों से बंद पड़े हैं यहां भी जब व्यापारी खोल कर देखे तो चूहों के द्वारा काफी मात्रा में सामान बर्बाद कर दिए।

दोहरी मार झेल रहे हैं व्यापारी…….. चूहों के कारण व्यापारी दोहरा मार झेलने को मजबूर है एक और आर्थिक रूप से टूट रहे हैं तो दूसरी ओर चूहों के द्वारा सम्मान बर्बाद कर दिए न जाने से परेशानी और बढ़ हजार ही है इस प्रकार व्यापारी दोहरे मार को झेल रहे हैं।

कपड़ा दुकानदार भी है त्रस्त…… किराना के साथ-साथ कपड़ा व्यवसाय को भी चूहों की मार झेलनी पड़ रही है। चूहों के द्वारा मांगे मांगे कपड़े काट दिए जा रहे हैं जिससे कपड़ा व्यवसाई बहुत चिंतित है।

बेचने के लिए नहीं बर्बादी देखने के लिए छुप-छुपकर खोल रहे हैं दुकान……. कई व्यापारी तो ऐसे हैं कि प्रतिदिन छुप-छुप कर दुकान बेचने के लिए नहीं वरन यह देखने के लिए खोल रहे हैं कि आज चूहा कितना बर्बाद किया। चूहों के आतंक से व्यापारी त्रस्त हो गए हैं।

Categorized in: