दतिमा मोड़(अनूप जायसवाल)- कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है। मौसम में बदलाव और कोरोना के कारण अमूमन क्षेत्र के शासकीय व निजी अस्पतालों में भीड़ लगी रहती है एक ओर जहां कोरोना अपना पांव पसार चुका है और संक्रमितो की संख्या में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है तो ऐसे आपदा के समय में झोलाछाप डॉक्टरों की बल्ले-बल्ले हो गई है। गांव-देहात में घूम-घूम कर मरीजों का इलाज कर उनकी जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं इसको मद्देनजर रखते हुए भैयाथान अनुविभागीय अधिकारी प्रकाश सिंह राजपूत ने जनपद सभाकक्ष में झोलाछाप डॉक्टरों की बैठक बुलाकर उन्हें स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि इस संक्रमण काल में किसी का इलाज न करें और किसी भी तरह का शिकायत मिलती है तो उनके विरुद्ध कोरोना अधिनियम के तहत तत्काल मामले दर्ज होंगे। श्री राजपूत ने कोविड प्रभारी राकेश सिंह को निर्देशित किया कि क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की इस प्रकार की शिकायत यदि मिलती है तो तत्काल कार्यवाही करें।

झोलाछाप डॉक्टरों की सूची में रजिस्टर्ड डॉक्टरों के नाम….

बैठक में जब रजिस्टर्ड डॉक्टरो का भी नाम झोलाछाप में शामिल हो गया था जिसमें मिश्रा क्लिनिक के संचालक डॉ वीरेंद्र मिश्रा व ग्लोबल क्लीनिक संचालक दीनदयाल दुबे के नाम  झोलाछाप डॉक्टर की सूची में शामिल था। इस सम्बंध में बीएमओ उत्तम सिंह ने बताया कि उक्त सूची में दो क्लीनिक का नाम गलती से शामिल हो गई थी जिसे सूची से हटा दिया गया है। यहाँ पे यह बताना लाजमी है कि डॉ मिश्रा भैयाथान क्षेत्र के एक अच्छे निजी चिकित्सक के रूप में जाने जाते हैं।

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