राजेन्द्र ठाकुर बलरामपुर- बलरामपुर जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र बंदरचुआं व ग्राम जलजली सरगुजा संभाग के पुलिस महानिरीक्षक आर.पी.साय एवं बलरामपुर पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू का ग्रामीणों के प्रति लगाओ एवं सहानुभूति देखने को मिला। झारखण्ड के बूढ़ापहाड़ से लगे हुए इस क्षेत्र को नक्सलियों से मुक्त कराने की प्रयास सरकार ने बहुत पहले शुरू किया था लेकिन तमाम सुविधाओं से वंचित इस क्षेत्र को गुलजार करने सरगुजा संभाग के महानिरीक्षक आर.पी. साय और बलरामपुर जिले के पुलिस कप्तान रामकृष्ण साहू ने एक अभियान छेड़कर जवानों के हौसले बुलंद करते हुए ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनके दुख-सुख जाना. पहली बार जलजलिया गांव के ग्रामीण सरगुजा संभाग के पुलिस महानिरीक्षक को अपने बीच पाकर खुशी जाहिर की.
पत्थरों और पहाड़ों के बीच बसे छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर का गांव बंदरचुआं अब किसी नाम के पहचान का मोहताज नहीं है. दरअसल झारखण्ड के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र या यूं कह ले नक्सलियों के गढ़ बूढ़ा पहाड़ से महज कुछ किमी दूर छत्तीसगढ़ और झारखण्ड की सीमा से लगे इस क्षेत्र में सीआरपीएफ व जिला बल के संयुक्त टीम के दम पर यहां कैम्प स्थापित किया गया।इस कैम्प से बूढ़ा पहाड़ घिरा हुआ है. जिस पहाड़ को नक्सलियों का गढ़ माना जाता है।जिसके बाद से क्षेत्र में सीआरपीएफ व जिला बल की ये कम्पनी की तैनाती कर दी गई जिससे लगे तमाम गांवों की पुलिस टीम रक्षा करती है. हालांकि पुलिस बल की मौजुदगी से बंदरचुआं एवं जलजली गावं सहित आसपास के लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस करनेे लगे हैं. सुविधाविहीन और पहाड़ों के बीच बसे इस कैम्प में आज सरगुजा संभाग के आईजी आर.पी. साय और बलरामपुर जिले के पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत कतलम अपने दलबल के साथ कैम्प पहुंचे. अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देख जवानों में जोश भर गया. इस बीच दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने उन जवानों से उनकी समस्याएं जानी समस्या समाधान के लिए आश्वासन भी दिया. अधिकारियों के हौसला अफजाई से खुश जवानों ने अपनी पूरी ताकत झोंकने की बात अधिकारियों से कही. आपको बता दें बूढ़ा पहाड़ बीते कई वर्षों से नक्सलियों का गढ़ बना हुआ है और आए दिन नक्सली संगठन छत्तीसगढ़ के सीमा से लगे बंदरचुआं और उसके आसपास के गांवों में घुसकर उत्पात मचाते रहे हैैं।
उल्लेखनीय है कि सीआरपीएफ और जिला बल के जवान लगातर दिनरात ड्यूटी कर नक्सलियों में भय व्याप्त करने में सफल रहे हैं. सीआरपीएफ के जवान नक्सलियों को इधर आने ही नहीं देते. लगभग सीआरपीएफ की एक टुकड़ी हजारों नक्सलियों पर भारी पड़ रही है. इन वरिष्ठ अधिकारियों ने वहां पहुंच उन जवानों की आंतरिक हिम्मत को बढ़ाते हुए उनसे सतत् प्रयास करने और नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने हर सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही है।

घोर नक्सली क्षेत्र जलजली गांव पहुंचे सरगुजा महानिरीक्षक आर.पी. साय

संगवारी पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों की समस्याएं सुनी तथा उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि पुलिस के साथ मित्रता का संबंध रखें. वे पुलिस से डरे नहीं बल्कि उन्हें हर समस्या से अवगत कराएं. पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए तैनात हैं. पुलिस द्वारा ग्रामीणों से संबंध स्थापित करने चलित थाना, संगवारी पुलिस, आपका थाना आपके द्वारा जैसे अभियान चलाए जा रहे है. इस मौके पर आईजी श्री साय ने जलजली गांव के बच्चों को खेलकूद की समाग्री वितरित की और उन्हें अपना मोबाईल नम्बर देते हुए क्षेत्र की समस्या से अवगत कराने की बात कही. कुछ ग्रामीणों ने आईजी को बताया कि हिण्डालकों कम्पनी में उन्हें काम मेें नहीं रखा जाता है, जिसे सुनते ही आईजी ने तत्कालएसडीओपी व थाना प्रभारी इस संबंध में हिण्डालकों कम्पनी से बात करने का निर्देश दिया है।

नेटवर्क है सबसे बड़ी जरूरत

वास्तव में संचार के सुविधा के रूप में वहां मोबाईल लगने की भारी असुविधा है इस कारण सीआरपीएफ और पुलिस का संयुक्त बल स्थिति कैम्प से न तो अपने परिवार से सम्पर्क कर पाता है और न ही अपने वरिष्ट अधिकारियों से लिहाजा संपर्क कर पाते है। किसी भी कंपनी का मोबाइल नेटवर्क यहां होना बहुत ही जरूरी है ताकि यहां पर तैनात जवान जरूरत के वक्त अपने उच्च अधिकारी एवं अपने परिवार जनों से आसानी से बात कर सके और अपनी समस्याओं को रख सकें।

2019 में स्थापित हुआ कैम्प

कैम्प में जवान लगातार अब सुविधाओं के बीच भी सुरक्षा में लगे हुए हैं। सरगुजा संभाग से आई जी के दौरे के दौरान कैंप के प्रभारी संजय कुमार सिंह ने कैंप की समस्याओं से अवगत कराया जिस पर सरगुजा आईजी ने समस्याओं के निराकरण करने के संबंध में कैंप प्रभारी को अस्वस्थ किया।इस दौरान अति. पुलिस अधीक्षक नक्सल आपरेशन डी.के. सिंह,कुसमी एसडीओपी मनोज तिर्की, सीआरपीएफ के एससी संजय कुमार सिंह, रक्षित निरीक्षक सनत ठाकूर, सामरी थाना प्रभारी रूपेश कुंतल एक्का सहित सीआरपीएफ एवं जिला बल केे जवान उपस्थित थे.।

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