दतिमा मोड़/सूरजपुर(अनूप जायसवाल)- जिले के लटोरी पुलिस चौकी अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र मंजीरा, द्वारिकानगर, मोहनपुर, सुंदरगंज, माझापारा, भण्डारपारा, गंगापुर, फुलवार, ढोड़ी, सेमरा, महेशपुर, सम्बलपुर, कल्याणपुर सहित दर्जनों गांवों में अवैध महुआ शराब की बिक्री जोरों पर है। इसके बाद भी पुलिस व आबकारी विभाग मौन है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों में प्रतिदिन 300 से 400 लीटर महुआ शराब की बिक्री होती है।

ग्रामीणों के द्वारा लगातार इसकी शिकायत पुलिस व आबकारी विभाग से की जा रही है, फिर भी विभागीय अधिकारियों का मौन रहना समझ से परे है। अवैध शराब के कारण युवा पीढ़ी नशे की चपेट में हैं। नशे में चूर होकर युवा पीढ़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। अवैध शराब की बिक्री से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही हैं। शाम होते ही चौक-चौराहों में शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। जिससे महिलाओं का शाम को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।

शराब के नशे में चूर होकर शराबी गाली-गलौज करते हुए जमकर उत्पात मचाते हैं। शराबियों ने मंदिर, शासकीय स्कूल, ग्राउंड, बाजार किनारे सार्वजनिक स्थलों को नहीं बख्शा है। शराब पीकर शराब की बोतलें सार्वजनिक स्थानों शराब की बोलत को फेंक दिया जाता है जिससे गांव के लोगों को वहां आसपास को साफ़ करने की परेशानी होती है।

पुलिस मांगती है कमीशन….

अपनी जेबें गरम करने के लिए ख्यात लटोरी पुलिस को यह सब भली-भांति ज्ञात रहता है कि किस इलाके में कौन सा अवैध काम किया जा रहा है, लेकिन वह उन बदमाशों पर कार्रवाही करने की बजाय उनसे अपना हिस्सा मांगती है और बदले में उनसे अपनी दोस्ती-यारी निभाती है। जिससे इन आपराधियों को शह मिल रही है और इनका कारोबार फल-फूल रहा है।

कानून की आड़ में अनैतिक कार्य…..

राज्य शासन द्वारा आदिवासी वर्ग के लोगों को 5 लीटर तक शराब बनाने एवं उसके उपयोग की छूट दी गई है, इसी छूट का लाभ लेते हुए आदिवासी वर्ग के लोगों की आड़ में अवैध शराब के कारोबारी लाखों रुपए की अवैध कमाई करने में लगे हैं।

राजेश कुकरेजा पुलिस अधीक्षक सूरजपुर- मुझे जानकारी नहीं थी, आप के माध्यम से जानकारी प्राप्त हो रही है मैं तत्काल दिखवाता हूं।

Categorized in: