रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- बलरामपुर रामानुजगंज जिले के शासकीय 58 हाई स्कूल एवं 72 हायर सेकेंडरी स्कूल में बिना शासन के दिशा निर्देशों के विद्यार्थियों को शासकीय शाला में प्रवेश के दौरान स्थानीय निधियां जैसे ए एफ पी बी एफ स्काउट रेड क्रॉस शाला विकास शुल्क परीक्षा प्रायोगिक शुल्क आदि अधिकांश स्कूलों में ले लिया गया था जिसे शासन के निर्देश के बाद आज तक वापस नहीं किया गया है। छात्र संगठन एवं अभिभावक लिए गए फीस को वापस दिलाए जाने की मांग कर रहे हैं। परंतु अब तक स्कूलों के द्वारा फीस वापस करने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है जिससे अभिभावकों एवं छात्र संगठनों में आक्रोश है।

                                गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे जिसे देखते हुए संयुक्त संचालक लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ के द्वारा विद्यार्थियों को स्थानीय निधि शुल्क नहीं लेने के दिशा निर्देश 2 सितंबर को जारी कर दिया गया था जबकि इसके बाद भी जिले के 74 हाई स्कूल एवं 58 हाई सेकेंडरी स्कूल के द्वारा शुल्क ले लिए गए थे। जिसे वापस कर दिए जाने की बात कही गई थी परंतु किसी भी स्कूल के द्वारा फीस लेने के बाद वापस नहीं किया गया है।

अभिभावक काट रहे स्कूलों के चक्कर- पूरे जिले में स्थिति यह है कि एक और जहां छात्र छात्राओं से अनावश्यक रूप से फीस की वसूली की गई है वहीं जब अभिभावकों को पता चला कि यह फिश अनावश्यक रूप से लिया गया है तो वह स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं परंतु प्राचार्य के द्वारा गोलमोल जवाब देकर अभिभावकों को भेज दिया जा रहा है अब सवाल उठता है कि फीस की वापसी कब होगी?

लाखों रुपए किए गए हैं वसूल- बलरामपुर रामानुजगंज जिले में शासन के दिशा निर्देश के बावजूद भी जिले के छात्र छात्राओं से फीस के नाम पर लाखों रुपए की वसूली की गई है। सवाल उठता है कि इस पैसे को वसूलने के बाद किस खाते में रखा गया है एवं इसका ब्याज कौन खा रहा है। यदि संबंधित प्राचार्य के द्वारा वसूली की गई परंतु रसीद क्यों नहीं दिया गया वहीं यदि वसूली कर ली भी गई थी तो जब शासन का दिशा निर्देश मिला तो पैसा वापस क्यों नहीं किया गया।

पूरे जिले से करोड़ो रुपए की हुई है अवैध वसूली- रामचंद्रपुर विकासखंड की मैं सिर्फ 10वीं 12वीं में 4000 छात्रों ने प्रवेश लिया है जिन से करीब 20 लाख रुपए की अवैध वसूली हुई है इस प्रकार से अगर पूरे जिला का आंकड़ा देखा जाए तो करोड़ों में जाएगा आखिर छात्र-छात्राओं से करोडो रुपए की अवैध वसूली हो गई परंतु अब तक जिला प्रशासन के द्वारा ठोस कार्यवाही अब तक नहीं हुई है।

नहीं दिया गया था रसीद- जिले के अधिकांश हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल की स्थिति ऐसी है कि बिना शासन के दिशा निर्देश के शुल्क लिया गया परंतु रसीद भी नहीं दी गई आखिरकार इसकी अब तक जांच क्यों नहीं हुई और यह सब किसके मौखिक आदेश पर हुआ।

इस संबंध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता आकाश तिवारी ने कहा कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले के अधिकांश हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल में शासन के दिशा निर्देशों के बाद भी नामांकन एवं परीक्षा फीस के अलावा अन्य शुल्क भी ले लिए गए हैं परंतु उसे वापस नहीं दिया जा रहा है श्री तिवारी ने फिश वापस दिलाए जाने की मांग की है।

इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी बी एक्का ने कहा कि सिर्फ नामांकन एवं परीक्षा फीस लेना था। यदि हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के द्वारा अन्य फीस भी लिए गए हैं तो और उसे वापस नहीं किए जा रहे हैं अगर इस संबंध में अभिभावकों की शिकायतें आती है तो तत्काल संबंधित प्राचार्य के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। श्री एक्का ने कहा कि इस संबंध में जो वरिष्ठ कार्यालय से पत्र आया था उसको पृष्ठांकन संबंधित लोगों को कर दिया गया था।

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