रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी) – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल है यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि जल संसाधन विभाग के द्वारा विभिन्न जलाशयों एवं एनीकट के समीप लगे स्वागत द्वार में प्रदर्शित हो रहे हैं।छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार के गठन के 2 वर्ष बाद भी जल संसाधन विभाग के स्वागत द्वार में अभी भी डॉक्टर रमन सिंह एवं बृजमोहन अग्रवाल शोभायमान हो रहे हैं।                                         

गौरतलब है कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले में जल संसाधन विभाग के द्वारा दर्जनों एनीकट एवं जलाशयों का निर्माण किया गया है। इन्हीं एनीकट एवं जलाशयों के समीप स्वागत द्वार भी लगाए गए हैं जल संसाधन विभाग के द्वारा लगाए गए स्वागत द्वार में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की फोटो प्रदर्शित हो रही है जिसकी शिकायत पहले भी हुई थी परंतु छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार के गठन के 2 वर्ष बाद भी स्वागत द्वारों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे का फोटो शोभायमान नहीं हो पाया है।

11-11 लाख रुपए खर्च हुए हैं स्वागत द्वारों में – बलरामपुर रामानुजगंज जिले में जितने भी स्वागत द्वार बने हैं उसे बनाने में मुश्किल से 2 से 3 लाख खर्च हुए होंगे परंतु विभाग के द्वारा 11- 11लाख रुपए का भुगतान हुआ है जिसकी कई बार शिकायत भी हुई है एवं जांच भी चल रहा है।

कार्यवाही नहीं होने से रुक नहीं रहा है भ्रष्टाचार- एक ओर जल संसाधन विभाग के भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें होते रहती हैं दूसरी ओर जांच भी होता है परंतु कार्यवाही नहीं होती जिस कारण भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पाता है। जांच में भ्रष्टाचार प्रमाणित भी पाया जाता है तो उसे एन केन प्रकारेण दबा दिया जाता है। स्वागत द्वारों की स्थिति हो गई जर्जर- भ्रष्टाचार की इमारत के रूप में स्थापित स्वागत द्वार जिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे अब वे करीब करीब सभी स्थानों में जर्जर स्थिति में दिखने लगे हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि विभाग इसकी सुध लेने की भी जहमत नहीं उठा रहा है।

एनीकट एवं जलाशयों की स्थिति है दयनीय स्वागत द्वार मानो चिढ़ा रहे हो- जल संसाधन विभाग के द्वारा बने एनीकट एवं जलाशयों की स्थिति अत्यंत दयनीय है ऊपर से 11-11 लाख रुपए खर्च करके लगे स्वागत द्वार मानो चिढ़ा रहे हो।कई एनीकट की तो ऐसी स्थिति है की वह निर्माण के बाद आज तक उसका लाभ नहीं मिल पाया है तो जलाशयों की भी स्थिति अत्यंत खराब है। कमीशन ज्यादा मिला इसलिए धड़ाधड़ लगवाते चले गए स्वागत द्वार- भ्रष्टाचार के आरोप लगे स्वागत द्वार को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के द्वारा धड़ाधड़ इसलिए लगवाने गय की इसमें कमीशन ज्यादा था। इसलिए भले ही जलाशयों एवं एनीकट की स्थिति जर्जर हो इनकी मरम्मत के लिए पैसा नहीं हो परंतु स्वागत द्वार तो लगेंगे ही। इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने कहा कि अभी तक जल संसाधन विभाग के द्वारा बने स्वागत द्वारों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री का फोटो ना हो पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व जल संसाधन मंत्री का फोटो लगना अधिकारियों की मानसिकता को दर्शाती है अविलंब जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को इस ओर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है श्री तिवारी ने कहा कि जल संसाधन विभाग के इस लापरवाही की जानकारी विभाग के मंत्री को भी दी जाएगी श्री तिवारी ने यह भी कहा कि स्वागत द्वारों के लिए अनाप-शनाप राशि का भुगतान हुआ है इसकी भी जांच करवाने के लिए लिखा जाएगा। 

Categorized in: