पूर्व विधायक ने रची थी दोहरे हत्याकांड की साजिश, सामने आई यह चौंकाने वाली कहानी

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रायगढ़,। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में चार साल पहले बीच सड़़क पर एक महिला और एक किशोरी का शव पड़ा मिला था। इस मामले में पुलिस उस समय से लगातार विवेचना कर रही थी, लेकिन शातिर कातिल पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो रहा था। गुरुवार को आखिरकार कातिल पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। शुक्रवार को पुलिस ने इस घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाला शख्स अनूप साय ओडिशा का पूर्व विधायक है और वर्तमान में वह राज्य के एक निगम में प्रमुख पद पर काम कर रहा था। आरोपित ने पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद इस कत्ल के पीछे की पूरी कहानी भी बताई।

तीन बार रह चुके हैं विधायक

पूर्व विधायक अनूप साय ओडिशा के बृजराजनगर से तीन बार विधायक रह चुका है। हत्याकांड के खुलासे से पहले तक वह राज्य के वेयर हाउसिंग कॉरर्पोरेशन में अध्यक्ष पद पर कार्यरत था। पहले वह कांग्रेस पार्टी में था, लेकिन बाद में सत्ताधारी बीजू जनता दल में शामिल हो गया। मृतक कल्पना दास एक वकील थी और विधायक अनूप साय के नाम से खरीदे गए कटक के एक फ्लैट में भी रहती थी। दोनों के बीच में अवैध संबंध था और उसे रास्ते से हटाने के लिए आरोपित ने उसका कत्ल कर दिया था।

मई 2016 में हुई थी घटना

शुक्रवार को घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि सात मई 2016 को संबलपुरी गांव के रहने वाले कमलेश गुप्ता ने चक्रधरनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि हमीरपुर मार्ग एक महिला व एक बालिका की हत्या कर शव की पहचान छिपाने के उद्देश्य से फेंक दिया गया है। रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घटनास्थल के आसपास के ग्रामों में पूछताछ सीसीटीवी फुटेज, कई मोबाइल टावर के डाटा का एनालिसिस किया गया साथ ही पूरे जिले के गुम इंसानों को छानबीन करने के बाद भी दोनों शव की शिनाख्त न होने से तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशन पर पुलिस की टीमें ओडिसा, बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के कई जिलों में शिनाख्तगी का प्रयास किया गया। जिला पुलिस द्वारा अन्तर्राज्यीय ईश्तहार जारी किया गया और इसी ईश्तहार से मृतिका की पहचान उसके पूर्व पति सुनील श्रीवास्तव द्वारा कल्पना दास पिता रूद्राक्ष दास उम्र 32 वर्ष और लड़की बबली श्रीवास्तव पिता सुनील श्रीवास्तव उम्र 14 वर्ष के रूप में की गई।

अनूप कुमार साय को किया गया तलब

इसके बाद चक्रधरनगर पुलिस की जांच में गति आई और मृतिका कल्पना दास के मोबाईल नम्बर का डिटेल निकालकर विशलेषण कर अन्य साक्ष्यों को एकत्र किया जाने लगा। मृतिका के कॉल डिटेल पर ओडिशा के हाई प्रोफाईल व्यक्ति के नाम की जानकारी मिली जिसके विरुद्ध चक्रधरनगर पुलिस पुख्ता साक्ष्य जुटाने में जुट गई। संदेही के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य के मिलने पर थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक विवेक पाटले द्वारा पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह को अवगत कराया गया जिनके दिशा निर्देशन पर संदेही अनूप कुमार साय, पूर्व विधायक ओडिस को चक्रधरनगर पुलिस द्वारा नोटिस देकर थाना तलब किया गया था।

आरोपी से की गई पूछताछ

संदेही अनूप कुमार साय के थाना चक्रधरनगर आने पर अधिकारियों के सुपरविजन में पूछताछ की गई। काफी पूछताछ बाद भी संदेही इस अपराध से अपने आप को दर किनार कर रहा था। लंबी विवेचना के बीच चक्रधरनगर पुलिस ने संदेही के विरुद्ध लिए गए गवाहों के बयान, कॉल डिटेल रिकार्ड व अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को उसके सामने रखा। संदेही इस पर कोई जवाब नहीं दे पाया और अन्तत: टूटकर इस अपराध में अपनी प्रमुख भूमिका को स्वीकार करते हुए घटना करना कबूल किया, जिससे इस अंधे हत्याकांड का खुलासा हुआ।

ऐसे दिया कत्ल को अंजाम

सन 2004-05 में कल्पना दास को उसके पति सुनील श्रीवास्वत ने छोड़ दिया था। तब कल्पना दास के पिता ने कल्पना और उसकी लड़की बबली को उसके पास भेजा था। मृतका कल्पना व आरोपी पूर्व विधायक के बीच प्रेम संबंध पनपा और दोनों मिलने जुलने लगे। इसके बाद पूर्व विधायक ने एक फ्लैट खरीद कर कल्पना और उसकी बेटी को रहने के लिए दिया और वहां आने-जाने लगा। आरोपी ने बताया कि बाद में कल्पना शादी का दबाव बनाने और पैसे की मांग को लेकर ब्लैकमेल करने लगी। पहले से शादीशुदा आरोपी ने महिला को रास्ते से हटाने के लिए उसकी और उसकी 14 साल की बेटी की निर्ममता से हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगा कर फरार हो गया। आरोपित ने इस जुर्म की सजा से बचने के लिए तमाम हथकंडे चले, लेकिन अंतत: वह कानून के शिकंजे में आ ही गया।

साभार – जागरण

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