दिल्ली विधानसभा में हार के बाद भी बीजेपी के लिए छिपी है बड़ी खुशखबरी

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दिल्ली की सत्ता से 22 साल से बाहर बीजेपी के लिए इस बार भी हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि, हार के बाद भी बीजेपी के लिए खुश होने का मौका है। दरअसल, भगवा दल ने 70 विधानसभा
नई दिल्ली – दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। रिजल्ट का शोर थम चुका है। आम आदमी पार्टी (आप) ने 62 सीटों पर जीत के साथ लगातार तीसरी बार वापसी की है। बीजेपी का दिल्ली में वनवास और बढ़ चुका है। हालांकि, परिणामों में हार के बाद भी बीजेपी के लिए खुशखबरी भी छिपी है। क्योंकि कांग्रेस का जहां दिल्ली में पत्ता साफ हो चुका है वहीं, भगवा दल के वोट शेयर में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

बीजेपी ने 63 सीटों पर वोट शेयर बढ़ाया
इन सबके बीच दिल्ली के नतीजों के विश्लेषण से पता चलता है कि बीजेपी भले ही बुरी तरह चुनाव हार गई हो लेकिन उसे ज्यादातर विधानसभा सीटों पर अच्छी बढ़त बनाई और उसका वोट शेयर बढ़ा है। दिल्ली के 70 विधानसभा सीटों में से बीजेपी ने इस बार 8 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके अलावा बीजेपी का 63 सीटों पर वोट शेयर बढ़ा है। 20 सीटों पर बीजेपी ने 2015 चुनाव की तुलना में 10 फीसदी से ज्यादा वोट शेयर बढ़ाया है। बीजेपी ने सबसे ज्यादा वोट शेयर नजफगढ़ सीट पर बढ़ाया है। यहां पिछली चुनाव की तुलना में उसका वोट शेयर 21.5 फीसदी बढ़ा है।
आप का वोट शेयर घटा, बढ़ा
आप ने इन चुनावों में बंपर जीत हासिल की है। पर जहां तक वोट शेयर की बात करें तो 38 सीटों पर आप का वोट शेयर घटा है। हालांकि पिछले चुनाव की तुलना में 5 सीटें ऐसी हैं जहां आप ने 10 प्रतिशत से ज्यादा वोट शेयर बढ़ाया है। आप ने मुस्तफाबाद विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 23 फीसदी वोट शेयर बढ़ाया है। इसके अलावा 32 सीटें ऐसी हैं जहां आप का वोट शेयर बढ़ा भी है। मुस्लिम आबादी वाली सीटों जैसे, मुस्तफाबाद, मटिया महल, चांदनी चौक, बल्लीमरान और सीलमपुर जैसे सीटों पर आप के वोटों में जोरदार बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा 27 ऐसे विधानसभा सीटें रहीं जहां और आप और बीजेपी दोनों का वोट शेयर बढ़ा है। करावल नगर सीट पर आप के वोट शेयर सबसे ज्यादा घटे। पिछले चुनाव की तुलना में आप को यहां 13.5 प्रतिशत कम वोट मिले।
कांग्रेस का सूपड़ा साफ
कांग्रेस लगातार दूसरी बार दिल्ली में अपना खाता खोल पाने में असलफ रही है। पार्टी के 63 उम्मीदवार अपनी जमानत गंवा बैठे। कांग्रेस ने 63 सीटों पर अपने वोट शेयर गंवाए हैं। दिल्ली में अपने सबसे बुरे प्रदर्शन से गुजर रही कांग्रेस के लिए अच्छी खबर कस्तूरबा नगर से आई, जहां उसने अपना वोट शेयर 2015 की तुलना में 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाया है। मुस्तफाबाद में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा वोट शेयर गंवाया और यहां का उसका वोट सीधे आप के पास गया। मुस्तफाबाद में कांग्रेस को 2015 चुनाव की तुलना में 28.8 प्रतिशत कम वोट मिले।
जानें किसे मिले कितने वोट
दिल्ली के लोगों ने आप को जमकर समर्थन दिया है। उसे कुल पड़े मत में 49,74,522 लोगों का समर्थन मिला है। बीजेपी को 35,75,430 एवं कांग्रेस को 3,95,924 लोगों का समर्थन मिला है। गौरतलब है कि 16 फरवरी को अरविंद केजरीवाल रामलीला मैदान में पूरी कैबिनेट के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे

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