दर्जनों ग्रामीणों ने रोका नदी से रेत का उठाव.. दो गांव के बीच उलझा मामला..

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रामानुजगंज-विकाश केशरी- रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम त्रिशूली  के पांगन नदी से विगत 15 दिनों से रेत का उठाव हो रहा था जिसे आज दर्जनों ग्राम वासियों के द्वारा रोक दिया गया ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वीकृत रेत खदान ग्राम पंचायत पचावल में है परंतु रेत ग्राम त्रिशूली से उठाया जा रहा है जहां से उत्तर प्रदेश का बॉर्डर मुश्किल से 3 किलोमीटर से भी कम है।

                          गौरतलब है कि रामचंद्रपुर विकासखंड में ग्राम पंचायत तालकेश्वरपुर एवं पचावल एवं वाड्रफनगर विकासखंड के ग्राम मेंढारी में रेत खदान स्वीकृत किया गया है जिसकी नीलामी भी हो गई है। ग्राम पंचायत त्रिशूली के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत पचावल में रेत खदान स्वीकृत होने के बाद भी ग्राम त्रिसुली से विगत 15 दिनों से रेत का उठाव किया जा रहा है जिसके बाद आज ग्रामीणों के द्वारा मौके पर जाकर रेत उत्खनन को रोका एवं इसकी जानकारी एसडीएम रामानुजगंज को दी। इस संबंध में एसडीएम अजय किशोर लकड़ा ने कहा कि यदि स्वीकृत रेत खदान से अन्यत्र रेत का उत्खनन हो रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी एवं नियमानुसार कार्रवाई होगी। इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी कुमार मंडावी ने कहा कि यदि स्वीकृत रेत खदानों के अलावा अन्यत्र से रेत उत्खनन किया जा रहा है इसकी जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों में आक्रोश- ग्राम पंचायत पचावल में रेत खदान स्वीकृत होने के बाद ग्राम पंचायत त्रिशूली से रेत उत्खनन किए जाने से ग्राम त्रिशूली के ग्रामीणों में आक्रोश है जिस कारण आज ग्रामीणों के द्वारा रेत उत्खनन को रोका गया।

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