छत्तीसगढ़ में तबादले को लेकर मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की दखल , मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अनुशंसा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अफसरों के तबादले को लेकर मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की दखल का मामला सामने आया है। ताजा मामला मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अनुशंसा का है।

जानकारी के अनुसार दिग्विजय ने जलसंसाधन विभाग के एक अधि‍कारी के तबादले के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा। सरकार ने उनकी अनुशंसा को स्वीकार करते हुए अधिकारी का तबादला भी कर दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जल संसाधन विभाग के मंत्री रविंद्र चौबे के राजनीतिक गुरु के रूप में दिग्विजय सिंह की पहचान है।

प्रदेश में जहां बड़े-बड़े मंत्रियों और विधायकों की अनुशंसा को दरकिनार कर दिया गया, वहीं दिग्विजय सिंह की अनुशंसा को सरकार ने पूरी तरजीह दी।

दिग्विजय सिंह ने सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता वेद प्रकाश पांडेय के तबादले के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा। दिग्विजय ने अपने पत्र में पांडेय के जल संसाधन विभाग में अनुविभागीय अधिकारी के पद पर कार्य करने और दस वर्ष के अनुभव का जिक्र करते हुए गरियाबंद में प्रभारी कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ करने का निवेदन किया था।

सरकार ने दिग्विजय की अनुशंसा को स्वीकार करते हुए पांडेय का तबादला भी कर दिया। तबादले के लिए चली नोटशीट और आर्डर में बाकायदा अनुशंसा करने वाले कॉलम में दिग्विजय सिंह का नाम है।

स्‍थानांतरण के बाद आर्डर की कापी सामने आने के बाद विरोधियों ने मोर्चा खोल दिया है। विरोधी खेमे का कहना है कि स्थानांतरण गोपनीय तरीके से होता है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। ऐसे में किसी पूर्व मुख्यमंत्री की अनुशंसा को आधार बनाकर वरिष्ठता को दरकिनार करके कैसे स्थानांतरण किया जा सकता है। पांडेय का तबादला नौ दिसंबर को किया गया है।

साभार – नईदुनिया

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