अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर इलाके में दुष्कर्म की घटनाओं के बाद कार्यवाही में लापरवाही के कारण मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रघुनाथनगर के थाना प्रभारी जान लकड़ा के चक्कर में एसडीओपी धुर्वेश जायसवाल को डीजीपी ने सस्पेंड कर दिया है। रघुनाथनगर थाना प्रभारी पर आरोपियों को बचाने रिश्वत लेने का आरोप लगा था। इसके बाद एसपी ने टीआई पर कोई कार्यवाही नहीं की तो मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीजीपी ने यह कार्यवाही की है।

बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर इलाके में लोधी गांव में गैंगरेप की घटना के बाद भाजपा आक्रामक हुई थी। इसके बाद केबिनेट मंत्री शिव डहरिया ने हाथरस की घटना को बड़ा और वाड्रफनगर की घटना को छोटा बताया था जिसकी जमकर किरकिरी हुई। इसके बाद फिर से रघुनाथनगर इलाके की 11 वीं कक्षा की छात्रा के साथ दो चचेरे भाइयों ने गैंगरेप किया। जिसके बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों के परिजनों ने रिश्वत लेने के बाद भी गिरफ्तार करने का आरोप रघुनाथनगर पुलिस पर लगाया और दो अन्य आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए आईजी के नाम एसडीपीओ को आवेदन दिया। इस बीच इसकी जानकारी एसपी को भी दी गई थी लेकिन इसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होने से सरकार की किरकिरी होते देख मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर और टीआई के चक्कर मे एसडीओपी को सस्पेंड कर आईजी कार्यालय में अटैच किया गया है।

एसडीपीओ के पक्ष में खड़े हुए लोग, सोशल मीडिया में विरोध…..

दूसरी तरफ एसडीओपी के सस्पेंड की खबर के बाद वाड्रफनगर इलाके के लोगों ने सरकार के इस फैसले को गलत बताया है। कहा है कि इस मामले में टीआई को सस्पेंड करना था, एसडीपीओ की कोई गलती नहीं है। एसडीओपी ने तो विलंब पर खुद अपराध दर्ज करने का निर्देश दिया था। इस पर लोगों ने सीएम और डीजीपी को पत्र लिखकर एसडीओपी के खिलाफ की गई कार्यवाही को वापस लेने का आग्रह किया है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस पर सोशल मीडिया पर भी जमकर चर्चा हो रही है। एफआईआर करने के लिए पुलिस ने लगवाए चक्कर रघुनाथनगर पुलिस इलाके की एक महिला ने दुष्कर्म की रिपोर्ट गांव के ही एक युवक पर लगाया है और बताया है कि उसे आरोपी अंबिकापुर नौकरी दिलाने के बहाने ले गया। इसके बाद वहां उसके साथ एक लॉज में दुष्कर्म किया। वहां से लाकर उसे उसके रिश्तेदार के घर पर छोड़ दिया, जहां से पीड़िता अपने घर पहुंची और अपने पति को इसकी जानकारी दी। इस पर वे रिपोर्ट लिखाने रघुनाथनगर थाना पहुंचे, जहां पुलिस ने उसे घटना अंबिकापुर में होने पर अंबिकापुर में रिपोर्ट दर्ज कराने कहा। इसके तीन दिन बाद मामला दर्ज किया गया। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

लोधी गैंगरैप पीड़िता के परिजनों से मिलने पहुंचे स्वास्थ्य व शिक्षा मंत्री, बोले- पीड़ित को आत्मसम्मान से जीने का है हक…..

बलरामपुर के लोधी गांव में सामुहिक बलात्कर की घटना के परिजनों से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और शिक्षा मंत्री डॉ प्रेम साय सिंह मिलने पहुंचे। जहां मंत्रियों ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे उनके साथ हमेशा खड़े हैं। दोषियों को कानून सजा देगी। इस दौरान पीड़ित परिवार को गांव और समाज में आत्मसम्मान के साथ रहने कहा गया। उन्होंने कहा कि पीड़ित बालिका की पूरी शिक्षा सरकार निशुल्क देगी और इसके साथ ही पीड़ित के पिता से वन भूमि में काबिज होने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर को तीन एकड़ जमीन का वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा देने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान सिंहदेव ने कहा कि सोशल मीडिया का युवापीढ़ी गलत उपयोग कर इस तरह की गलत मानसिकता का शिकार हो रही है। इस पर स्कूल कालेज और समाज में जन जागरूकता की जरूरत है। इसके साथ ही कानून की जानकारी भी दी जाए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Categorized in: