राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जिले में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा विभिन्न उत्पादन इकाई एवं कुटीर उद्योग प्रारंभ किए गए

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सूरजपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जिले में कलेक्टर दीपक सोनी के कुशल मार्गदर्शन में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा विभिन्न उत्पादन इकाई एवं कुटीर उद्योग प्रारंभ किए गए हैं। महिलाओं द्वारा चैन लिंक फेंसिंग, आरसीसी पोल, पेवर ब्लॉक, मशरूम उत्पादन, मोरिंगा उत्पादन, लाख की चूड़ी, मसाला उद्योग, अचार, पापड़, साबुन, निमाइल, गोबर के दीये, मूर्ति एवं गमला, ई-रिक्शा परिचालन, बोर्ड परिचालन, ट्राइबल मार्ट एवं ग्रोसरी शॉप जैसी कई गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है इन गतिविधियों से जिले की हजार से भी ज्यादा महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इनके 1 वर्ष से भी कम समय में इन गतिविधियों द्वारा समूह की महिलाओं ने 3.5 करोड़ रूपये से अधिक का व्यवसाय किया गया है। विगत माह राज्य मुख्यालय रायपुर में आयोजित आदिवासी नृत्य महोत्सव समारोह में समूह की महिलाओं द्वारा जिले के विभिन्न उत्पादों का विक्रय कर इन उत्पादों की भरपूर मांग को देखते हुए उत्साहित हुई है। भोपाल में आयोजित होने वाले सरस मेला 15 से 27 जनवरी हेतु भी जनपद पंचायत सूरजपुर के ग्राम शिवनंदनपुर की शिव शक्ति स्व-सहायता समूह की श्रीमती नीलू तिर्की, ग्राम शिवनंदनपुर के शिवगुरु स्व-सहायता समूह की श्रीमती गिरजा सिंह तथा ग्राम कुंजनगर की श्रीमती सावित्री राजवाड़े के द्वारा विभिन्न उत्पादों जैसे मोरिंगा पाउडर, मोरिंगा बेकरी, हस्त निर्मित साबुन, निमाइल, अगरबत्ती, लाख की चूड़ी, गोबर से निर्मित गमला, सुगंधित चावल की बिक्री करने एवं देश भर के 20 राज्यों के विभिन्न जिलों से भोपाल आने वाली स्व-सहायता समूह के विभिन्न उत्पादों को देखने एवं सीखने हेतु 14 जनवरी को भोपाल हेतु रवाना हुई है।

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