यहां पढ़ें बलरामपुर के समाचार,धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केेन्द्र तातापानी महोत्सव शिव की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण,रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शक हुये मंत्रमुग्ध…

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अनिल सोनी

बलरामपुर। तातापानी उत्तरी छत्तीसगढ़ के दुरूस्थ वनांचल क्षेत्र में स्थित है। धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण तातापानी का विशेष स्थान है। भगवान शिव का प्राचीन मंदिर, गर्म जल स्त्रोत एवं शिव का विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित तथा तातापानी का शांत शीतल वातावरण व नैसर्गिक सुन्दरता पर्यटकों को अनुकूलता प्रदान करती है। वर्षों से मंकर संक्रांति के अवसर पर विशाल मेला का आयोजन किया जाता है, जो राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि पा चुका है।

गर्म जल स्त्रोत होने के कारण ही इस क्षेत्र का नाम तातापानी पड़ा, क्योंकि क्षेत्रीय भाषा में तात का अर्थ गर्म होता है। यहां ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री राम ने खेल-खेल में सीता जी की ओर पत्थर फेंका जो कि सीता मां के हाथ में रखें गर्म तेल को कटोरे से जा टकराया, जो छलक कर धरती पर गिरा और जहां-जहां तेल की बूंदे पड़ी वहां से गर्म पानी धरती से फूट कर निकला। स्थानीय लोग इस स्थान को पवित्र मानते हैं तथा ऐसी मान्यता है कि यहां गर्म पानी से स्नान करने से चर्म रोग ठीक हो जाता है।तातापानी मेला समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में इस वर्ष भी सांस्कृतिक संध्या, लेजर लाईट शो तथा नृत्य एवं गायन के अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये। मेला प्रांगण में आकाश झूले, बच्चों के लिए खिलौने, पारंपरिक व्यंजनों की दुकानें, साज-सज्जा के सामानों के साथ ही मनोरंजन के अनेक साधन उपलब्ध हैं। पूरे प्रदेश तथा आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक इस दौरान तातापानी पहुंचते हैं तथा पूजा अर्चना के साथ ही मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आनन्द ले रहें हैं।तातापानी मेला समिति द्वारा इस वर्ष भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से आगंतुकों का मनोरंजन किया। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने क्षेत्रीय आदिवासी नृत्य जैसे करमा, सैला, सुआ, डण्डा नाचा, सरहुल की शानदार प्रस्तुति दी गई। छत्तीसगढ़ी लोक गायन में ओजस्वी साहू, अल्का चन्द्राकर, पण्डवानी में प्रतिमा वार्ले ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति तथा परम्परा का सम्पूर्ण चरित्र चित्रण प्रस्तुत किया। खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के छात्रों ने राज्यकीय गीत अरपा पैरी के धार गीत पर नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। छात्रों ने सैला-रीना, ढोला-मारू, सरहुल, देवार करमा नृत्य, ककसार नृत्य, देवार करमा, गौरा-गौरी, झालियाना जैसे प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी आदिवासी तथा परम्परागत् नृत्यों की पूरी श्रृंखला प्रस्तुत की। कामेडियन रविन्द्र जाॅनी ने जहां दर्शकों को हंसाकर लोटपोट किया, वहीं रजी मोहम्मद एवं साथियों ने पियानों की सुरीली धुन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लेजर लाईट शो के माध्यम से पर्दे पर विभिन्न पौराणिक गाथाएं का प्रदर्शित की गई। रंग बिरंगे लाईटों में श्री राम, हनुमान तथा अन्य देवताओं को देखकर दर्शक अभिभूत हो गये।


कठपुतली, शोल शेकर डांस ग्रुप तथा शिव झांकी का विशेष आयोजन…
बलरामपुर।
कठपुतली रंगमंच का प्राचीन माध्यम है, जिसमें गुड्डे-गुड्डियां, राजा-रानी, जोकर जैसे चरित्रो के माध्यम से मनोरंजन किया जाता है। कठपुतली के कलाकारों में आदिवासी सम्राट, कथककली नृत्यांगना, आदिवासी महिला, तपस्या, सुन्दरी एवं जोकर ने अपनी प्रतिभा से बच्चों का खास मनोरंजन किया।

कठपुतलियां पूरे महोत्सव में आकर्षण का केन्द्र बनी रही। शोल शेकर डांस ग्रुप ने वेस्टर्न डांस विधा में अपनी शानदार प्रस्तुति दी। उत्कृष्ट नृत्य शैली एवं आधुनिक वेशभूषा से सुसज्जित कलाकारों ने ने दर्शकों को बांधकर रखा। शिव झांकी की कलाकारों ने राधाकृष्ण का प्रेम, शिव तांडव, राजा-रानी का प्रेम जैसे विषयों पर अपनी मनमोहक नृत्य का मंचन किया। तातापानी में भगवन शिव के विशेष आस्था का केन्द्र है। इसलिये शिव तांडव के मंचन को दर्शकों ने खूब पसंद किया।


मेला समिति के आमंत्रण पर महोत्सव में पहुंचे प्रभारी सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी
स्टाॅल अवलोकन, लेजर लाईट शो तथा मेला प्रांगण का किया भ्रमण….
बलरामपुर-
तातापानी मेला समिति के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ संभाग आयुक्त  ईमिल लकड़ा, आईजी  के.सी. अग्रवाल, मुख्य वनसंरक्षक  ए.बी. मिंज, कलेक्टर  संजीव कुमार झा तातापानी महोत्सव स्थल पहुंचे। मेला समिति के सदस्यों ने प्रभारी सचिव सहित सभी अधिकारियों का भव्य स्वागत किया। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों के साथ मेला परिसर का भ्रमण कर महोत्सव के सफल आयोजन हेतु तातापानी मेला समिति का साधूवाद दिया। उन्होंने विभिन्न स्व सहायता समूहों एवं गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा लगाये स्टाॅलों का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया।प्रभारी सचिव श्री पिंगुआ ने अपने सम्बोधन में तातापानी मेला समिति को महोत्सव के गरिमामय आयोजन के लिए साधूवाद देते हुए आने वाले वर्षों में भी इस प्रकार के आयोजन करने की बात कही। उन्होंने स्कूली बच्चों द्वारा गुलाब का फूल का देकर स्वागत करने पर उन्हें स्नेहाशिष प्रदान किया।

श्री पिंगुआ विभिन्न स्टाॅलों का निरीक्षण करते हुए बिहन अंगना पहुंचे और महिलाओं द्वारा आजीविका के लिए किये जा रहे प्रयासों का अवलोकन किया। महिलाओं के द्वारा सचिव व अन्य अधिकारियों को अपने द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पादों के बारे में जानकारी दी गई। प्रांगण में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टाॅल गढ़कलेवा को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की। संभाग आयुक्त  ईमिल लकड़ा ने श्री पिंगुआ को जिले के महिलाओं द्वारा तैयार विभिन्न वन औषधि और वन उत्पादों के बारे में बताया। इस दौरान अधिकारियों ने लेजर लाईट शो का भी आनन्द लिया।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक टी.आर. कोसिमा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरीष एस., मेला समिति के अध्यक्ष अजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

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