मनेन्द्रगढ़ (शुध्दूलाल वर्मा) । वास्तविक दुर्घटनाओं में बचाव के लिए शुक्रवार को मनेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन के पास रेल विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, एसईसीएल एवं एनडीआरएफ के द्वारा संयुक्त रुप से मार्क ड्रिल का आयोजन किया गया । रेलवे के मार्क ड्रिल के इस आयोजन को देखने आसपास की काफी भीड़ जमा हो गई थी । मार्क ड्रिल के दौरान उपस्थित लोगों ने नजदीक से यह देखा कि रेलवे में दुर्घटना के पश्चात बचाव के लिए किस तरह से रेलवे की रेस्क्यू टीम रेस्क्यू कर लोगों की जान बचाती है ।

मार्क ड्रिल में सबसे पहले आरपीएफ के प्रशिक्षित जवानों के द्वारा संदिग्ध रूप से पाए गए बम को रिफ्यूज किया गया और बताया गया कि अगर रेल की बोगी या स्टेशन परिसर में संदिग्ध रूप से बम या कोई अन्य विस्फोटक सामग्री पाई जाती है तो उसे लोगों को बचाने के लिए कैसे डिस्कनेक्ट किया जाता है । मॉकड्रिल की दूसरी कड़ी में रेलवे बोगी में जिसमें रेल की सवारी बैठी हुई होती है और अचानक लगातार बम के धमाके होने लगते हैं जिससे किसी गंभीर खतरे के अंदेशे से रेलवे का हूटर बजने लगता है और 5 बार हूटर बजने पर रेलवे के कर्मचारियों में यह संदेश जाता है कि कोई गंभीर दुर्घटना हो गई है जिसमें लोगों की जान मुश्किल में है । रेलवे के हूटर की आवाज सुनकर रेलवे की रेस्क्यू टीम पूरी तैयारी के साथ एवं अधिकारी कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच जाते हैं । मार्क ड्रिल में दुर्घटना में लोगों की जान कैसे बचाई जाती है उड़ीसा कटक से आए एनडीआरएफ के दल ने तत्परता दिखाते हुए मात्र 50 सेकंड में रेस्क्यू कर रेल डिब्बा में फंसे लोगों को बाहर निकाल कर लोगों की जान बचाई । एनडीआरएफ के टीम के साथ एसईसीएल व आरपीएफ तथा रेलवे की रेस्क्यू टीम ने रेलवे डिब्बा को ड्रिल या कटर से काटकर तथा कांच को तोड़कर डिब्बा में फंसे लोगों को निकालने में मदद की । रेस्क्यू के दौरान लोगों की जान किस तरह से बचाई जाती है रेलवे के मार्क ड्रिल में पूरी तरह से दिखाया गया । मार्क ड्रिल के दौरान किए जा रहे रेस्क्यू को लोगों ने नजदीक से देखा कि किस तरह से रेल दुर्घटना में फंसे लोगों की रेस्क्यू कर जान बचाई जाती है । मार्क ड्रिल में एनडीआरफ की टीम के साथ एसईसीएल आरपीएफ रेलवे की रेस्क्यू टीम ने अपनी कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया ।मार्क ड्रिल के तीसरी कड़ी में अगर रेल डिब्बा में आग लग जाए और लोगों की जान फंस जाए तो किस तरह से रेस्क्यू कर आग को बुझा कर लोगों की जान बचाई जाती है उसका पूरा प्रदर्शन एनडीआरएफ की टीम के साथ खान बचाव केंद्र एसईसीएल व नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ के दमकल कर्मचारियों के द्वारा किया गया । इस दौरान भीषण आग लगी हो तो आग में फंसे लोगों को कैसे बाहर निकाला जाए उसमें आग के ऊपर चलकर लोगों को बाहर निकालने का तरीका रेस्क्यू के माध्यम से बताया गया । मार्क ड्रिल स्थल पर प्राथमिक उपचार केंद्र ,पूछताछ केंद्र, पानी बूथ केंद्र एवं सहायता केंद्र बनाए गए थे ।मार्क ड्रिल को देखने काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा थी ।

वास्तविक दुर्घटना में फेल न हो जाएं उसके परिपेक्ष में किया गया मार्क ड्रिल

बिलासपुर रेल मंडल के सहायक रेल मंडल प्रबंधक ने मार्क ड्रिल के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि वास्तविक दुर्घटनाओं में फेल ना हो जाए इसके लिए यह मार्क ड्रिल का आयोजन किया गया है जो दुर्घटनाओं में बचाव का तैयारी का एक हिस्सा है । एडीआरएम ने पत्रकरों को बताया कि रेलवे द्वारा अंदरूनी स्तर पर हर 3 महीने में मार्क ड्रिल किया जाता है लेकिन एनडीआरएफ जो पूरे देश में दुर्घटनाओं के बचाव हेतु कार्य करती है उसके साथ हर 2 साल में मार्क ड्रिल का आयोजन किया जाता है पिछले बार शहडोल में इस तरह का आयोजन किया गया था । एनडीआरएफ के साथ संयुक्त रुप से रेलवे द्वारा मार्के ड्रिल किया जाता है । ऐसे आयोजन से यह पता चलता है कि हम औऱ हमारे अधिकारी कर्मचारी कितने तत्पर व तैयार है । एडीआरएम ने बताया कि एनडीआरएफ के साथ 2014 में पहली बार मनेंद्रगढ़ में मार्क ड्रिल का आयोजन किया गया था यह दूसरी बार आयोजन किया गया है । उन्होंने बताया कि हर रेल मंडल में साल में एक बार मार्कड्रिल का आयोजन होता है । एडीआरएम ने बताया कि मनेंद्रगढ़ में एसईसीएल, छत्तीसगढ़ शासन एवं रेलवे के आरपीएफ सहित सभी विभागों के कर्मचारी अधिकारी एवं एनडीआरएफ के साथ संयुक्त रुप से मार्क ड्रिल किया गया । इस दौरान एनडीआरएफ के कमांडेंट जीएस पटेल मुंडली कटक उड़ीसा सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।

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