जशपुरनगर। लगातार हो रही बारिश ने जशपुर और सरगुजा संभाग में सड़कों की हालत खराब कर दी है। कई प्रमुख मार्गों पर गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इस बीच उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सड़कों की स्थिति को लेकर सरकार की आगामी कार्ययोजना स्पष्ट की है।

उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान भी सड़कों के रखरखाव और जरूरी मरम्मत का काम किया जा रहा है। मौसम खुलने के बाद निर्माण और पुनर्निर्माण के कार्यों को बड़े स्तर पर गति दी जाएगी। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

अधिक बारिश से कई सड़कों को पहुंचा नुकसान

उपमुख्यमंत्री अरुण साव शनिवार को जशपुर में आयोजित अखिल भारतीय फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान उनसे जशपुर और सरगुजा संभाग की खराब सड़कों को लेकर सवाल किया गया।

उन्होंने माना कि इस बार हुई अत्यधिक बारिश के चलते कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि फिलहाल बारिश के बीच जहां जरूरी है, वहां रखरखाव और मरम्मत की जा रही है। मौसम साफ होने के बाद बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण और पुनर्निर्माण का काम कराया जाएगा।

इन प्रमुख मार्गों को लेकर लगातार उठ रही शिकायतें

जशपुर जिले में कई महत्वपूर्ण सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आती रही हैं। इनमें कोतबा-बागबहार मार्ग, चराईडांड़-बतौली स्टेट हाईवे का भीतघरा क्षेत्र और बगीचा-बतौली मार्ग प्रमुख हैं।

इसके अलावा तपकरा-फरसाबहार और लुड़ेग-बागबहार मार्ग की खराब हालत से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं। लगातार बारिश के कारण पहले से मौजूद गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से और ज्यादा खराब हो गए हैं। इससे रोजाना इन मार्गों से गुजरने वाले लोगों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

अंबिकापुर की सड़कों को लेकर भी उठ चुका है मुद्दा

सड़कों की बदहाली का मामला इससे पहले अंबिकापुर में भी सामने आया था। भाजपा प्रदेश महामंत्री पवन साय ने खराब सड़कों को लेकर अधिकारियों और वित्त मंत्री ओपी चौधरी से चर्चा की थी। उन्होंने तत्काल गड्ढों की मरम्मत कराने की मांग रखी थी।

इसके बाद कुछ स्थानों पर गड्ढों में गिट्टी डालकर अस्थायी रूप से राहत देने का काम शुरू किया गया था। अब जशपुर और सरगुजा संभाग में बारिश का दौर खत्म होने के बाद सड़कों के स्थायी सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।