Amit Shah Infiltrators Statement: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और गैरकानूनी प्रवास को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सख्त कार्रवाई करने का संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना कानूनी प्रक्रिया के देश में रह रहे लोगों की पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
भारत में अवैध प्रवेश पर जीरो टॉलरेंस
राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में गृह मंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से सीमा निगरानी को मजबूत करने और अवैध घुसपैठ रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।अमित शाह के अनुसार, भारत में रहने और बसने की प्रक्रिया कानून के दायरे में होनी चाहिए। अवैध तरीके से देश में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
आतंकवाद से साइबर अपराध तक कई चुनौतियों पर चर्चा
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार किया गया। इनमें आतंकवाद, कट्टरपंथ, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियां शामिल रहीं।गृह मंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी उपयोग करने की सलाह दी। इसका उद्देश्य खुफिया सूचनाओं के बेहतर विश्लेषण के जरिए संभावित खतरों की समय रहते पहचान करना और कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है।
केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय पर जोर
अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य स्तर की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और कट्टरपंथ जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को साझा रणनीति के तहत काम करना होगा।सम्मेलन में अवैध प्रवासियों की पहचान, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और निर्वासन की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा की गई। गृह मंत्री का संदेश साफ रहा कि देश की सुरक्षा और सीमा प्रबंधन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।