79 गांवों में 14 संवेदनशील, पुलिस को विशेष निगरानी के निर्देश
तखतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुल 79 गांव आते हैं, जिनमें 14 गांवों को बार-बार होने वाले विवादों और शिकायतों के कारण झगड़ालू गांव के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में अवैध शराब, मारपीट और भूमि विवाद से जुड़े मामलों की शिकायतें अधिक मिलने पर एसएसपी ने थाना प्रभारी और पुलिस अमले को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि बीट स्तर पर पुलिसकर्मियों को अपने क्षेत्र के अपराधियों, विवादित मामलों और स्थानीय समस्याओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए। संवेदनशील गांवों में अपराध की स्थिति का नियमित आकलन कर समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रकाश ठाकुर, ओंकार सिंह और आशीष वस्त्रकार रक्षित केंद्र संबद्ध
निरीक्षण के दौरान थाना क्षेत्र में पदस्थ प्रकाश ठाकुर, ओंकार सिंह और आशीष वस्त्रकार की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने का मामला सामने आया। अपराध नियंत्रण और जनसंपर्क के संबंध में उनकी भूमिका पर सवाल उठने के बाद एसएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र संबद्ध कर दिया।बताया गया कि तीनों कर्मचारी लंबे समय से तखतपुर थाने में पदस्थ थे और बार-बार अपनी पोस्टिंग वहीं कराने की कोशिश करते रहे थे।
अवैध शराब कारोबारियों पर सख्ती, महिलाओं को वैकल्पिक रोजगार से जोड़ने की पहल
एसएसपी ने अवैध शराब के कारोबार में बार-बार शामिल पाए जाने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और बाउंड ओवर की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बाउंड ओवर की शर्तों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार संबंधित राशि जब्त करने को भी कहा गया।वहीं अवैध शराब के कारोबार से जुड़ी महिलाओं को महिला स्व-सहायता समूहों और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर वैकल्पिक आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए।
19 लंबित शिकायतों और चरित्र सत्यापन मामलों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान सीएम हेल्पलाइन की 19 लंबित शिकायतों और चरित्र सत्यापन से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों की शिकायतों और लंबित मामलों का निराकरण तय समय-सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए।इस दौरान पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कोटा नूपुर उपाध्याय भी मौजूद रहीं। एसएसपी के निरीक्षण के बाद तखतपुर थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण, संवेदनशील गांवों की निगरानी और लंबित शिकायतों के निराकरण को लेकर पुलिस की जवाबदेही और बढ़ गई है।