रायपुर :  छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित दो दिवसीय ‘संवाद 2026’ कार्यक्रम में सौर ऊर्जा के भविष्य और प्रदेश में इसके विस्तार की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से सोलर क्षेत्र के विशेषज्ञ, उद्योगपति, निवेशक और अन्य हितधारक शामिल हुए।कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दो दिनों तक विशेषज्ञों और क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने इस बात पर विचार किया कि छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को किस तरह बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा की बड़ी संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और आने वाले समय में सौर ऊर्जा की भूमिका लगातार बढ़ेगी। छत्तीसगढ़ में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधन और अनुकूल परिस्थितियां इस क्षेत्र के विस्तार के लिए मजबूत आधार प्रदान करती हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार से प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ ऊर्जा क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

निवेश और नई तकनीक पर भी हुई चर्चा

‘संवाद 2026’ में सोलर सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों ने तकनीकी प्रगति, नई परियोजनाओं, निवेश की संभावनाओं और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के तरीकों पर अपने विचार रखे। निजी क्षेत्र और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के जरिए सौर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रभावी नीतियों, तकनीकी सहयोग और पर्याप्त निवेश को जरूरी बताया। आयोजन के दौरान ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने कई सुझाव भी रखे।

पर्यावरण के साथ रोजगार को भी मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा का महत्व केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है। स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।सौर परियोजनाओं के विस्तार से प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित समाधानों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर ऊर्जा की जरूरतें पूरी करने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति दी जा सकती है।

सरकार और निजी क्षेत्र के बीच बढ़ेगा समन्वय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। ‘संवाद 2026’ जैसे आयोजनों से सरकार, उद्योग जगत और विशेषज्ञों के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है, जिससे नीतियों और परियोजनाओं को बेहतर दिशा देने में मदद मिल सकती है।उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के विस्तार के जरिए प्रदेश अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के लक्ष्यों को भी एक साथ आगे बढ़ा सकता है।