रायपुर,
बस्तर जो कभी नक्सल हिंसा के लिए जाना जाता था, आज बदलाव और विकास की कहानी लिख रहा है। बस्तर जिले के ग्राम पंचायत नेतानार में स्थापित शहीद वीर गुंढाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केंद्र ग्रामीणों खासकर महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और हुनर को निखारने का नया माध्यम बन रहा है।
ग्राम पंचायत नेतानार के सीआरपीएफ कैम्प में संचालित सेवा डेरा में जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना ने सिलाई मशीन प्रशिक्षण, ढेकी से चावल निर्माण एवं इमली चपाती निर्माण जैसी गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान महिला समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए सीईओ श्री खन्ना ने कहा कि महिलाओं के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में प्रेरणादायक हैं और इन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं के लिए उत्पादन (प्रोडक्शन) यूनिट स्थापित करने की पहल करने के निर्देश दिए, ताकि प्रशिक्षित महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और नियमित आय के बेहतर अवसर मिल सकें। साथ ही समूह आधारित उत्पादन, गुणवत्ता सुधार और उत्पादों के विपणन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत कामानार में स्थित कैंप परिसर के सेवा डेरा का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ग्रामीणों एवं स्व-सहायता समूह की दीदियों से ‘सेवा डेरा’ की स्थापना को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा इसकी कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सेवा डेरा के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।निरीक्षण के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इमली प्रसंस्करण इकाई एवं महुआ लड्डू प्रसंस्करण इकाई स्थापित किए जाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने बताया कि इन इकाइयों की स्थापना से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस पर श्री खन्ना ने प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
