दिल्ली की विशेष अदालत ने डीजीपी और सीबीआई से मांगी रिपोर्ट, 11 को अगली सुनवाई  

शिकायतकर्ता का दावा-साइबर सेल के एक एएसआई और आरक्षक की भूमिका अहम

अंबिकापुर। प्रशिक्षु आईपीएस व नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल व दो अन्य विभागीय मातहतों पर हवाला के माध्यम से 1 करोड़ रुपये से अधिक के रिश्वत लेनदेन में संलिप्तता के गंभीर आरोप शिकायतकर्ता ने लगाए हैं। मामले में दिल्ली की विशेष अदालत राऊज एवेन्यू ने आदेश पारित करते हुए छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), सीबीआई निदेशक तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। डीजीपी से पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट और सीबीआई से शिकायत के बाद अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया है।

जानकारी के मुताबिक, विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सीबीआई-11 सुधांशु कौशिक की अदालत में एक जुलाई 2026 को आकाश कुमार की ओर से बीएनएसएस, 2023 की धारा 175(3) के तहत शिकायत प्रस्तुत की गई। अदालत ने शिकायत प्राप्त होने के बाद उसे जांच के लिए पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए। सुनवाई दौरान शिकायतकर्ता के अधिवक्ता मनमीत सिंह भी उपस्थित रहे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि, अंबिकापुर में पदस्थ आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल ने साइबर थाना सरगुजा में पदस्थ उप निरीक्षक व आरक्षक के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। षड्यंत्र के तहत हवाला चैनल के माध्यम से 1 करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत की मांग की गई और उसे स्वीकार भी किया गया है। इस आरोप पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं 7-ए तथा बीएनएस, 2023 की धारा 308 एवं 351 के तहत अपराध दर्ज करने का आग्रह किया गया है।

शिकायतकर्ता ने शिकायत के साथ शपथ-पत्र भी संलग्न किया है। शिकायत में कहा गया है कि, उसने 8 जून 2026 को सीबीआई निदेशक को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस शिकायत की प्रति भी अदालत में प्रस्तुत की गई है, और जिम्मेदारों की निष्क्रियता का आरोप लगाया है। मामले में सरगुजा रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से किसी प्रकार की अधिकारिक प्रतिक्रिया फिलहाल नहीं आई है। मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए पूरी जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही हवाला के मार्फत लेनदेन की वास्तविकता सामने आ पाएगी।

आईपीएस सहित 3 को बनाया पक्षकार

शिकायत में ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल, एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को पक्षकार बनाया गया है। आरोप है कि रिश्वत हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहले सीबीआई से एफआईआर की मांग की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। शिकायतकर्ता ने ठगी के केस में कार्रवाई प्रभावित करने के लिए हवाला के जरिए 1 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। कोर्ट में व्हाट्सऐप चैट, ऑडियो क्लिप और अन्य दस्तावेज भी पेश किए गए हैं।

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