रॉयल्टी भुगतान प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमबद्ध एवं पारदर्शी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,
खनिज विभाग गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने सोशल मीडिया पर रॉयल्टी भुगतान प्रमाण-पत्र (रॉयल्टी क्लीयरेंस) जारी करने संबंधी प्रसारित भ्रामक एवं तथ्यहीन जानकारी का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा निर्धारित नियमों एवं वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप ही समस्त कार्यवाही की जाती है। खनिज अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 (क) के प्रावधानों के अनुसार शासकीय एवं अर्द्धशासकीय निर्माण कार्यों में प्रयुक्त गौण खनिजों के संबंध में संबंधित ठेकेदार द्वारा वैध अभिवहन पास, रॉयल्टी पर्ची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं। प्रस्तुत अभिलेखों का विधिवत परीक्षण एवं सत्यापन किए जाने के उपरांत ही नियमानुसार रॉयल्टी भुगतान प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि रॉयल्टी भुगतान प्रमाण-पत्र जारी करने की संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, नियमसम्मत एवं दस्तावेजों के सत्यापन पर आधारित है। इस कार्य के लिए किसी भी व्यक्ति अथवा मध्यस्थ को अधिकृत नहीं किया गया है। संबंधित ठेकेदार द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों के आधार पर ही विभागीय स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। खनिज विभाग ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास नहीं करें तथा किसी भी जानकारी के लिए विभाग के अधिकृत स्रोतों से ही तथ्य प्राप्त करें। विभाग ने कहा है कि भ्रामक एवं तथ्यहीन जानकारी प्रसारित कर आमजन को भ्रमित करने के प्रयासों का उचित खंडन किया जाएगा।

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