पुलिस एनकाउंटर में ढेर हैदराबाद रेप-मर्डर केस के चारों आरोपी

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हैदराबाद, । हैदराबाद में महिला डॉक्टर का दुष्‍कर्म और उसकी निर्मम हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। तेलंगाना पुलिस ने शुक्रवार सुबह को इस मामले के सभी चारों आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराया है। रिपोर्टों में कहा गया है कि पुलिस क्राइम सीन रिक्रिएट करने के लिए आरोपियों को मौका-ए-वारदात (नेशनल हाइवे-44) पर ले गई थी लेकिन मौके का फायदा उठाते हुए वे फरार होने लगे। पुलिस ने त्‍वरित कार्रवाई में फायरिंग की जिसमें सभी आरोपी मारे गए।

रिपोर्टों में पुलिस कम‍िश्‍नर के हवाले से कहा गया है कि तेलंगाना पुलिस चारों आरोपियों को उस फ्लाइओवर के नीचे लेकर गई थी जहां उन्‍होंने पीड़िता को आग के हवाले किया था। उस जगह पर क्राइम सीन को रीक्रिएट किया जा रहा था तभी चारों आरोपी भागने लगे। इस पर पुलिस ने उन्‍हें चेतावनी दी और त्‍वरित कार्रवाई करते हुए गोलियां चलाईं जिसमें चारों मारे गए। इस बीच पीड़‍िता के चाचा का बयान सामने आया है जिसमें उन्‍होंने कहा है कि न्‍याय त्‍वरित होना चाहिए ताकि लोगों में अपराध के प्रति भय हो।

बता दें कि 27-28 नवंबर की दरम्यानी रात को हैदराबाद में 27 साल की महिला डॉक्‍टर के साथ इन दरिंदों ने हैवानियत की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, शराब पीते हुए इन आरोपियों ने डॉक्टर को स्कूटी पार्क करते देख उसके साथ हैवानियत की योजना बनाई थी। परिजनों के मुताबिक, हैवानों ने सबसे पहले स्कूटी की हवा निकालकर मदद का बहाना किया और फिर डॉक्‍टर का मोबाइल छीन लिया। इसके बाद उन्‍होंने पीड़‍िता के साथ बारी-बारी से दरिंदगी की और गला दबाकर उसकी हत्या की।

रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी यहीं नहीं रुके। उन्‍होंने पीड़‍िता की हत्या के बाद उसके शव को ट्रक में रखकर टोल बूथ से करीब 25 किलोमीटर दूर एक ओवरब्रिज के नीचे फेंक, पेट्रोल छिड़कर आग के हवाले कर दिया। जानवरों की डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्‍कर्म और उसकी बर्बर हत्या की वारदात से पूरा देश आंदोलनरत था। सड़क से संसद तक जल्‍द से जल्‍द इंसाफ दिए जाने की मांग उठ रही थी। सनद रहे कि सात साल पहले 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ चलती बस में दरिंदगी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। कोर्ट ने सभी बालिग दोषियों (1 नाबालिग था, एक आरोपी ने तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी) को मौत की सजा सुनाई थी। लेकिन अभी तक अदालत द्वारा दी गई सजा पर अमल नहीं हो सका है।

साभार – एएनआइ

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