अन्य फरार आरोपियों के तलाश में लगी पुलिस

अंबिकापुर। वासेपुर हत्याकांड से जुड़े, धनबाद बैंकमोड़ थाना के एक गैंगस्टर वारंटी को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाकर भगाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना बीते 29 जून की है।

थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा ने बताया कि, धनबाद बैंकमोड़ थाना के उपनिरीक्षक अभय कुमार अपनी टीम के साथ 29 जून को सुबह करीब 8 बजे अंबिकापुर आए थे। उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि धनबाद के वारंटी साबिर आलम पिता सालार आलम निवासी कमर मखदूमी रोड वासेपुर अपनी पहचान छिपाकर मोमिनपुरा में रह रहा है।

धनबाद पुलिस ने मोमिनपुरा मस्जिद के पास स्कूटी से आते एक व्यक्ति को रोका। पूछताछ में उसने अपना नाम साबिर आलम बताया। पुलिस वैधानिक कार्रवाई कर रही थी, तभी साबिर शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाने लगा। इसी दौरान जुनैद खान और मोहम्मद जाहिद खान सहित अन्य लोग वहां पहुंचे और सामूहिक बल प्रयोग करके वारंटी को पुलिस की वैध अभिरक्षा से छुड़ा लिया। मौके का फायदा उठाकर साबिर आलम भीड़ के साथ भाग निकला।

इस संबंध में धनबाद पुलिस की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 438/26 धारा 221, 132, 126(2), 296(बी), 351(3), 263(ई), 352, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

वीडियो कॉल से हुई पहचान

विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान लिए। घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। धनबाद पुलिस के उपनिरीक्षक अभय कुमार से वीडियो कॉल के माध्यम से पूछताछ करके आरोपियों की पहचान कराई गई। वीडियो कॉल और व्हाट्सएप के जरिए जुनैद खान पिता मोहम्मद जाहिद खान 30 वर्ष और मोहम्मद जाहिद खान पिता मोहम्मद अयुब खान 59 वर्ष दोनों निवासी नया बस्ती हबीबनगर अंबिकापुर की पहचान पुख्ता हुई। दोनों से पूछताछ में घटना करना स्वीकार किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

अन्य आरोपी फरार

पुलिस के अनुसार मामले में शामिल अन्य आरोपी घटना के दिन से फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। वारंटी साबिर आलम की गिरफ्तारी के लिए भी धनबाद पुलिस के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जा रही है। पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी शशिकान्त सिन्हा, एएसआई अदीप प्रताप सिंह व विवेक पाण्डेय एवं साइबर टीम सक्रिय रही।

इन धाराओं के तहत मामला दर्ज

धारा 221-लोक सेवक को कर्तव्य से भ्रष्ट करने के लिए हमला, धारा 132-लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला, धारा 126(2)-गलत तरीके से रोकना, धारा 351(3)-आपराधिक धमकी, धारा 3(5)-सामान्य आशय।

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