कलेक्टर के आदेश पर कूटरचित वन अधिकार पत्र के दो मामलों में अपराध दर्ज

अंबिकापुर। कोतवाली थाना पुलिस ने कलेक्टर न्यायालय के आदेश पर कूटरचित वन अधिकार पत्र के दो मामले में आरोपियों के विरूद्ध केस दर्ज किया है। जांच के दौरान कथित रूप से कार्यालय अधीक्षक, भू-अभिलेख से जारी वन अधिकार पत्र में प्रथम दृष्टया सील, मुद्रा के अलावा कलेक्टर, सहायक आयुक्त, वनमण्डलाधिकारी के हस्ताक्षर में भिन्नता पाई गई थी। मामले की जांच में सामने आया था कि, हितग्राहियों को वन अधिकार मान्यता पत्र का वितरण कार्यालय अधीक्षक, भू-अभिलेख से जारी नहीं किया गया है। कलेक्टर ने अपने आदेश में कूटरचित दोनों वन अधिकार पत्र रा.प्र.क्र. 21/121 (5) 2007-08 को निरस्त करते हुये ग्राम गंझाडांड़ तहसील लुण्ड्रा स्थित भूमि खसरा कमांक 80/13 रकबा 1.800 हेक्टेयर भूमि एवं खसरा कमांक 80/13 रकबा 1.800 हेक्टेयर भूमि को पूर्ववत शासकीय मद में दर्ज करने का आदेश दिया है।

बता दें कि, न्यायालय, कार्यालय कलेक्टर में जगत रानी पति अशोक कुजूर व बिन्यामिन कुजूर पिता अशोक कुजूर निवासी ग्राम गंझाडांड़ विकासखण्ड लुण्ड्रा द्वारा तहसील लुण्ड्रा अंतर्गत स्थित शासकीय भूमि खसरा कमांक 80/1 रकबा 19.641 हे. भूमि में से रकबा 0.405 हे. भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने और फर्जी पट्टा बनवा लेने का मामला सामने आया था। बताया गया था कि उक्त भू-खण्ड पशुओं के चरने की जगह है एवं आरक्षित है। इसमें खेलने के लिये मैदान का निर्माण या शासकीय भवन बनाने की मंशा ग्रामीणों की थी। मामला सामने आने के बाद प्रकरण संस्थित करके कथित वन अधिकार पत्र प्राप्त करने वालों को विधिवत सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। जांच के बाद अनुविभागीय अधिकारी (रा.) धौरपुर द्वारा जांच प्रतिवेदन में बतलाया गया कि ग्राम गंझाडांड़ तहसील लुण्ड्रा में हितग्राहियों को प्राप्त वन अधिकार मान्यता पत्र में अंकित रा.प्र.क. 21/121(5) 2007-08 एक समान हंै।

अधीक्षक भू-अभिलेख के पंजी में उक्त रा.प्र.क्र. दर्ज नहीं

अधीक्षक भू-अभिलेख अंबिकापुर के दायरा पंजी में उक्त रा.प्र.क्र. दर्ज नहीं है, सील मुद्रा में भी भिन्नता है। ऐसे में कार्यालय अधीक्षक भू-अभिलेख से उक्त वन अधिकार पत्र जारी नहीं किये गये हैं। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अंबिकापुर द्वारा अपने प्रतिवेदन में भी उपरोक्तानुसार तथ्यों को बतलाया गया है। अनावेदक जांच के दौरान उपस्थित हुये लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) धौरपुर, अधीक्षक, भू-अभिलेख सरगुजा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अंबिकापुर के जांच प्रतिवेदन के आधार पर दोनों प्रकरणों में अनावेदकों जगतरानी एवं बिन्यामिन कुजूर के विरूद्ध संबधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा की गई थी।

कोतवाली पुलिस ने इन धाराओं के तहत मामला दर्ज

मामले में सरगुजा कलेक्टर के न्यायालय ने इन्हें जारी कूटरचित वन अधिकार पत्रों को निरस्त करते हुये संबंधित भूमि को पूर्ववत शासकीय मद में दर्ज करने का आदेश देने के साथ दोनों के विरूद्ध संबंधित पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने अनुविभागीय अधिकारी (रा.) धौरपुर को निर्देशित किया गया था। आदेश का पालन करते हुये पालन प्रतिवेदन 07 दिवस के अंदर प्रस्तुत करने कहा गया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध धारा 420, 467, 468, 471, 34 का मामला दर्ज किया है।

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