प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों की रेंज के जिलों में आमद उपरांत आईजी सरगुजा रेंज ने ली बैठक

अंबिकापुर। प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों की रेंज के जिलों में आमद उपरांत आईजी दीपक कुमार झा, 13 जून को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बैठक करके इनसे विडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रूबरू हुए। इन्हें थाना और मैदानी क्षेत्रों में बेहतर कार्य एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। सामान्य बैठक के दौरान जिला सरगुजा के 14 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे एवं अन्य जिला के सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक विडियों कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।

पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर के आदेशानुसार सरगुजा रेंज अंतर्गत जिला सरगुजा को 14, सूरजपुर को 15, बलरामपुर को 16, जशपुर को 13, एमसीबी को 12 एवं जिला कोरिया को 08 नये प्रशिक्षु उपनिरीक्षक मिले हैं। इसी क्रम में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक सामान्य बैठक में विडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रूबरू होते हुये थाना व मैदानी क्षेत्रों में बेहतर कार्य एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण संबंधी सभी नये प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को विभागीय दिशा-निर्देश दिये। इस दौरान उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक सरगुजा तृप्ति सिंह राजपूत एवं अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षक, जिला इकाई स्तर पर विडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों के साथ जुड़े रहे।

रेंज के जिलों में आये सभी नये प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से पुलिस महानिरीक्षक ने व्यवहारिक परिचय के साथ उनके योग्यताओं के बारे में जाना। सामान्य परिचय उपरांत उन्होंने सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को विभाग के कार्यप्रणाली एवं व्यवहारिक पहलुओं के बारे में बताते हुये थानों के मैदानी क्षेत्रों में अपने से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करने संबंधी टिप्स दिये। प्रशिक्षण दौरान कानून व्यवस्था, अपराध विवेचना, सायबर फ्रॉड संबंधी कार्य की जानकारी, सीसीटीएनएस कार्य का ज्ञान, बीट पुलिसिंग, संतरी ड्यूटी, न्यायालयीन कार्रवाई, मुलजिम पेशी, कोर्ट मोहर्रिर, समंस वारंट, गुम इंसान के प्रकरणों, मर्ग महिला एवं बाल अपराध संबंधी के साथ-साथ पुलिस के कार्यों का बारीकी से अध्ययन करने एवं जनता के प्रति संवेदनशील और पीड़ितों से शालीन व्यवहार करने की सीख दी। उन्होंने कहा महिला, बालक संबंधी मामलों में विशेष सर्तकता, मानवाधिकारों का सम्मान एवं पुलिस की सकारात्मक छवि निर्माण संबंधी विषयों के बारे में विशेष रूचि लेते हुये कार्य सीखने की जरूरत है। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण अवधि में अनुसाशन, समय पालन, वर्दी की मर्यादा, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन के साथ-साथ अपने कर्तव्यनिष्ठा का विशेष ध्यान रखते हुए दायित्वों का निवर्हन करने कहा। अंत में उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा सक्षम अधिकारी बनना है, जो कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना एवं जनसेवा के क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सके।  

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