कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन  

अंबिकापुर। सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के द्वारा नायब तहसीलदार के साथ की गई कथित मारपीट का मामला दिनोंदिन तूल पकड़ते जा रहा था। बुधवार, 3 जून को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदेश में अराजकता की बनी स्थिति और कानून व्यवस्था को सवालों के घेरे में लेते हुए सरगुजा कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ मितानिनें विधायक की बहन के पक्ष में सामने आकर नायब तहसीलदार के विरूद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपी हैं। इधर कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के हड़ताल को लेकर कहा है कि, जनता को हो रही परेशानियों को देखते हुए इन्हें काम पर वापस लौटने निर्देशित किया गया है। इधर राजस्व अधिकारियों का एक दल प्रदेश स्तर पर मंत्रणा के लिए रायपुर गया है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार के अलावा राजस्व निरीक्षक, पटवारी काम बंद-कलम बंद आंदोलन पर हैं, जिस कारण तहसील कार्यालय लिपिकों के भरोसे है। इधर सीतापुर थाना पुलिस ने नायब तहसीलदार के साथ मारपीट के मामले में नामजद दो आरोपियों के थाना में उपस्थित होने और वैधानिक कार्रवाई की जानकारी दे रही है, हालांकि राजस्व अधिकारियों का आंदोलन समाप्त समाचार लिखे जाने तक समाप्त नहीं हुआ है। बुधवार को कलाकेंद्र मैदान में डटे राजस्व अमले ने कहा, हम अपने स्वाभिमान के सुरक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के दल द्वारा सरगुजा कलेक्टर से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम सौंपे गए दो सूत्रीय मांग पत्र में सत्तादल और प्रशासनिक व्यवस्था के मध्य उत्पन्न गंभीर टकराव की स्थिति को संवैधानिक तंत्र की विफलता मानते हुए प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन की मांग की है। उल्लेखनीय है कि 27 मई को मैनपाट के राजापुर में स्थानीय विधायक और उनके समर्थकों ने एक नायब तहसीलदार पर विधायक की बहन का काम नहीं करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था, और सीतापुर एसडीएम की उपस्थिति में नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की गई। घटना को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करवाया है। इस घटना के उपरांत विधायक और उसके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। खरीफ सीजन के मात्र 15 दिन पहले प्रारंभ इस हड़ताल से आमजन बेहद तकलीफ में हैं। राजस्व विभाग के माध्यम से होने वाले कार्य नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, जमीन की नापजोख बंद है। साथ ही आय, जाति, विलंबित जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जैसे काम भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विधायक द्वारा नायब तहसीलदार के साथ मारपीट का यह मामला सत्ता और शासन व्यवस्था के बीच टकराव गंभीर रूप ले चुका है जिससे प्रदेश की संवैधानिक तंत्र विफल हो चुका है, इसीलिए कांग्रेस ने सीधे राज्यपाल जो कि राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं, को दखल देने का आग्रह करते हुए ज्ञापन दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि अपराध दर्ज होने के उपरांत भी जिस प्रकार से विधायक और उनके समर्थकों को सत्ताधारी दल के द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है, इससे सत्ताधारी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह शह मिल रहा है कि वे अपने पारिवारिक कार्य के असंतोष में शासकीय सेवकों को सड़कों पर पीटें। ऐसे में प्रदेश की पूरी प्रशासकीय व्यवस्था ठप हो जाएगी, जिसका सबसे खराब परिणाम आम जनता को भोगना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह अराजक स्थिति है और इस स्थिति को सुधारने के लिए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की आवश्यकता है।

सत्ताधारी दल की हठधर्मिता के कारण टकराव की स्थिति

पूर्व केबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने कहा विगत एक सप्ताह से आम जनता राजस्व विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन हड़ताल के कारण उनके काम लटके हुए हैं। खरीफ के सीजन में वैसे भी सीमांकन, नापजोख, बंटवारा जैसे कई काम बाधित हो जाता है, इन 15 दिनों में कार्यों को लेकर दबाव था। सत्ताधारी दल की हठधर्मिता के कारण आज यह टकराव की स्थिति निर्मित हो गई है। इस सरकार के रहते ऐसी स्थिति के निरंतर बने रहने की संभावना को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन का समर्थन किया है। सीतापुर विधायक पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अपने परिवार के सदस्य के लिए उन्होंने मर्यादाओं को लांघा है, वैसे ही अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए भी मर्यादित आचरण के साथ शासकीय कार्यालयों में लंबित मामलों को निपटाएं।

 

एक विधायक के द्वारा कानून हाथ में लेना उचित नहीं

निगम में नेता प्रतिपक्ष श$फी अहमद ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा स्थिति राष्ट्रपति शासन के लायक है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उत्तदायित्व की जिम्मेदारी सौहार्द्रपूर्ण ढंग से कराने की जिम्मेदारी सरकार की है। एक विधायक का कानून को हाथ में लेना गलत परंपरा स्थापित करता है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि सीतापुर विधायक को जनहित में स्वयं हड़ताली शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों से चर्चा करके कानून सम्मत आचरण प्रस्तुत कर एक उदाहरण स्थापित करना चाहिए। कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल में जेपी श्रीवास्तव, राकेश गुप्ता, संजय विश्वकर्मा, शैलेश सिंह, अटल यादव, डॉ. लालचंद यादव, बिगन राम, नरेंद्र विश्वकर्मा, अमित तिवारी राजा, रजनीश सिंह, नीतीश चौरसिया, निकी खान, दीपक मिश्रा, मिथुन सिंह, नरेश बघेल, परवेज आलम गांधी आदि बतौर सदस्य मौजूद थे।

मितानिनों ने कहा-नायब तहसीलदार के विरूद्ध करें कार्रवाई

इधर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन, मितानिन सीमा धनकी के समर्थन में मितानिन संघ सरगुजा सामने आ गया है। इनके द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बताया है कि सीमा धनकी पति मुकेश धनकी निवासी ग्राम कोटछाल, मितानिन का काम करती है, जो 27 मई को उपतहसील राजापुर वैधानिक कार्य के लिए गई थी। इस दौरान नायब तहसीलदार तुषार मानिक के द्वारा सीमा के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। गालीगलौज व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करके अपमानित करके कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया, और उनके वैधानिक कार्य का भी निराकरण नहीं किया गया। यह कृत्य न केवल एक शासकीय अधिकारी के गरिमा के विरूद्ध है, बल्कि अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों का भी उल्लंघन है। मानसिक रूप से क्षुब्ध होकर सीमा ने थाना सीतापुर में इसकी प्राथमिकी भी दर्ज कराई है। मांग की गई है कि, घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाये। संबंधित नायब तहसीलदार के विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाये। एफआइआर के आधार पर विधिसम्मत दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। सीमा के लंबित शासकीय कार्य का शीघ्र निराकरण कराया जाये। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किया जाये। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंची मितानिनों में सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में सेवा दे रही काफी संख्या में मितानिनें शामिल थीं। इनके द्वारा मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

दो आरोपित थाने में उपस्थित हुए, वैधानिक कार्रवाई के बाद मुचलका पर रिहा

बुधवार को थाना प्रभारी सीतापुर ने नायब तहसीलदार राजापुर, तुषार मानिक के द्वारा कोतवाली थाना अंबिकापुर में दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर सीतापुर थाने में बीएनएस की धारा 221, 121 (1), 132, 191 (2) के नामजद आरोपितों में से दो ने उपस्थिति दर्ज कराई, जिन्हें वैधानिक कार्रवाई के बाद मुचलका जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान तीन जून को प्रकरण के नामजद आरोपी नाजीम रजा पिता शेख अहमद 34 वर्ष, निवासी ग्राम पेट एवं पंकज गुप्ता पिता राकेश गुप्ता 30 वर्ष, निवासी ग्राम कोटछाल, थाना सीतापुर के द्वारा पुलिस के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई गई है, इनके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है।

कांग्रेस के जिला पदाधिकारियों ने तहसीलदारों की हड़ताल के संबंध में ज्ञापन दिया है। राजस्व अधिकारियों को तत्काल काम पर लौटने के लिए मंगलवार की शाम को ही निर्देशित किया गया है। इन्हें कहा गया है कि जो काम लम्बित हैं, उसे प्राथमिकता देते हुये पूरा करें। निर्देशों का पालन नहीं करने की स्थिति में शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जायेगी।- अजीत वसंत, कलेक्टर सरगुजा

 

 

Categorized in: