*अम्बिकापुर, – नगर निगम की हाल ही में सम्पन्न एमआईसी बैठक में पारित प्रस्तावों पर प्रदेश कांग्रेस महासचिव एवं निगम एमआईसी के पूर्व सदस्य द्वितेंद्र मिश्र ने कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा पर जनता के हितों की अनदेखी और अपरिपक्व निर्णय लेने का आरोप लगाया। द्वितेंद्र मिश्र ने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार की दुहाई देकर सत्ता में आई भाजपा अब लोगों को गुमराह कर रही है “माननीयों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों का ही भान नहीं है। खिलौना घर में खेल रहे बच्चों की तरह अपरिपक्व व्यवहार का प्रदर्शन कर रहे हैं ।

*सफाई कामगारों का मुद्दा उठाया*
मिश्र ने वैश्विक संकट और बढ़ती महंगाई के बीच निगम की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर पूरा एशिया आर्थिक संकट से प्रभावित है, देश में लगातार महंगाई बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम ने लगभग 18 माह से सफाई कामगारों को वेतन नहीं दिया है। “ऐसे सफाई कामगारों के घरों में चूल्हा कैसे जल रहा होगा, इसकी चिंता करने की बजाय टेंडर निरस्त करने का प्रस्ताव पारित हो रहा है ।

*निर्माण कार्यों पर विरोधाभास का आरोप*
कांग्रेस नेता ने कहा कि जहां एक ओर केंद्र सरकार वैश्विक संकट के कारण निर्माण सामग्री की मूल्य वृद्धि को देखते हुए विशेष सर्कुलर जारी कर रही है, वहीं निगम ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव पारित कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व परिषद के पार्षदों को भी अभी तक मानदेय नहीं दिया गया है।

द्वितेंद्र मिश्र ने कहा कि  ट्रिपल इंजन सरकार के प्रतिनिधियों से मांग की कि बेहतर होता कि वे शासन से तत्काल सफाई कामगारों के लिए राशि मंगवाते। उन्होंने सुझाव

1. केंद्र के सर्कुलर के अनुसार निर्माण कार्यों के लिए मूल्य वृद्धि की पहल कर कार्य पूर्ण कराएं।
2. पिछली परिषद के पार्षदों का बकाया भुगतान कराएं।
3. शहर की सड़कों को अतिशीघ्र निगम में शामिल कराएं।
4. पेयजल समस्या का निराकरण कराएं।
5. प्रतिदिन घंटों बिजली गुल होने की समस्या पर आवश्यक पहल करें।
6. आगामी बरसात को देखते हुए नालियों की साफ-सफाई का अभियान चलाएं।

*”वादे पूरे करें, बुलडोजर बंद करें”*
द्वितेंद्र मिश्र ने भाजपा को चुनावी वादे याद दिलाए। उन्होंने कहा कि जनता से जो-जो वादे कर सत्ता में आए हैं, उन्हें पूरा करें। लोगों को निःशुल्क पट्टा दिलवाएं। “पट्टा दिलाने की बजाये जगह-जगह बुलडोजर चलवा रहे हैं, उसे बंद करें,” ।

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