नई दिल्ली/रायपुर। पूर्व विधायक अमित जोगी को छत्तीसगढ़ के चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा पा चुके फौरी राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने । जस्टिस जेजे विक्रम नाथ, संदीप मेहता और विजय बिश्नोई की बेंच ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान उनकी उम्रकैद की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है।

इससे पहले सोमवार को भी उच्चतम न्यायालय में अहम सुनवाई हुई थी। इस मामले में दो याचिकाएं दाखिल की गईं थीं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने क्लब कर दिया था। सुनवाई के दौरान एक याचिका हाईकोर्ट के आदेश के तहत सरेंडर पर रोक से संबंधित थी, जिसे चैंबर में दाखिल किया गया था, जबकि दूसरी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की दो नंबर बेंच में विचार हुआ। सोमवार को अदालत ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर सरेंडर से जुड़ी किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत नहीं दी जाएगी और संबंधित आवेदन पर निर्णय चैंबर जज द्वारा किया जाएगा।

यह मामला वर्ष 2003 में हुई एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की हत्या से जुड़ा है। चार जून 2003 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया था, जबकि निचली अदालत ने वर्ष 2007 में अमित जोगी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। बाद में इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील की गई, जिसके चलते मामला उच्च न्यायालय और फिर सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा।

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