बलरामपुर जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला पंचायत द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सतत प्रयास किए जा रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आजीविका संवर्धन हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
इसी क्रम में जनपद पंचायत बलरामपुर अंतर्गत ग्राम सारंगपुर की निवासी अमृता खेस,रानी स्व सहायता समूह से जुड़ी हैं, उन्होंने अपने परिश्रम एवं लगन से आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने करेला एवं टमाटर की खेती के साथ-साथ मत्स्य विभाग के सहयोग से निर्मित डबरी में मछली पालन प्रारंभ कर बहुआयामी आजीविका मॉडल अपनाया है। मत्स्य विभाग से उन्हें मछली जाली का अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे उनके कार्य को और गति मिली है।
अमृता खेस ने अपने उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से प्राप्त लगभग 80 हजार रुपये का सुनियोजित निवेश किया है। इस समेकित मॉडल के माध्यम से वे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सतत आय अर्जित कर रही हैं। वे कहती है कि इस प्रयास से लगभग 3 लाख रुपये वार्षिक आय की संभावना है जिससे अमृता के परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और वे लखपति दीदी बनने की दिशा में भी अग्रसर होंगी। गौरतलब है कि शासन प्रशासन के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे है साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।

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