रायपुर/14 सितं.2020/छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी यह बुलेटिन नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी अर्थात NPPA एवं मिनिस्ट्री ऑफ केमिकल एंड फर्टिलाइजर्स की अदूरदर्शिता, अकर्मण्यता को उजागर करेगा।

1 कोरोना संक्रमण की मुख्य दवा रेमडेसीविर (REMDESVIR) है। इसकी कीमत Zydus company ₹2800/- प्रति 100 मिलीग्राम ले रही है जबकि HETERO ₹5400/- वसूल रही है। अर्थात 192% ज्यादा। ऐसा क्यों?

2 विटामिन सी जैसी साधारण दवाई एक कंपनी NOVA LIFESCIENCES ₹1 प्रति गोली के दर पर बेच रही है वही Zuventus ₹5.33 पैसे वसूल रही है। अर्थात 533% ज्यादा। ऐसा क्यों?
3 आईवरमेक्टिन (IVERMECTIN) कोविड-19 के प्रत्येक मरीज को देनी होती है तथा यह रोकथाम में भी काम आती है। इसकी एक गोली KIWI कंपनी ₹11.75 प्रति गोली में दे रही है वही ZUVENTUS कंपनी ₹42.50 चार्ज कर रही है। अर्थात 360% अधिक। क्या यह यह व्यवस्था ठीक है?

सविस्तार—

नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी अर्थात NPPA एक राष्ट्रीय एजेंसी है जिसका काम दवाइयों की कीमतों, दवाइयों की सप्लाई एवं मरीजों को उचित दवाई समय पर उचित मूल्य पर मिले; यह सुनिश्चित करना है।

1 रेमदेसीविर (Remdesvir) GILLEAD कंपनी का रिसर्च प्रोडक्ट है तथा कोविड-19 के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण दवा है।
कुछ दिनों पूर्व तक इस इंजेक्शन की खूब कालाबाजारी पूरे देश में हुई तत्पश्चात सरकार ने यह नियम आवश्यक कर दिया कि केवल पॉजिटिव मरीज को आधार कार्ड व अन्य डॉक्यूमेंट देने पर ही यह इंजेक्शन मुहैया कराया जाएगा। इस प्रकार कालाबाजारी तो कम हो गई ।

हमारी रिसर्च टीम को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि एक ही इंजेक्शन की विभिन्न फार्मा कंपनियां 200% तक अधिक दाम ले रही हैं। हम ब्रांड नेम, बेचने वाली कंपनी तथा उसका एमआरपी शेयर कर रहे हैं।

ZYDUS कंपनी एक इंजेक्शन ₹2800/- एमआरपी में बेच रही है वही HETERO कंपनी ₹5400 का दाम वसूल रही है।

Brand Conpany Price

1) REMDAC- ZYDUS- ₹2800

2) CIPREMI- CIPLA -₹4000

3) COVIFOR – HETERO – ₹ 5400

4) DESREM – MYLAN -₹ 4800

5) JUBI-R – JUBILANTS – ₹ 4700

प्यारे देशवासियों,

आज एक महामारी का समय है।

दवाई के अभाव में कई लोगों की जान चली जा रही है।

किंतु दवा कंपनियां इस बुरे वक्त पर भी बिजनेस एथिक्स (Business Ethics) का पालन नहीं कर रही और हमें इसमें सबसे शर्मनाक भूमिका National Pharmaceutical Pricing Authority एवं मिनिस्ट्री ऑफ केमिकल एंड फर्टिलाइजर की लगती है; जिसे ना कुछ दिखाई दे रहा है ना वह कोई कार्यवाही कर रही है।
केंद्र सरकार की यह मिनिस्ट्री पूर्णता कर्तव्य विमुख एवं भ्रष्ट प्रतीत होती है।

अपनी बात को और अच्छी तरह समझाने हेतु हम दो सिंपल दवाइयां विटामिन C एवं IVERMECTINE गोली की कीमत का भी ब्यौरा दे रहे हैं ।

यह दोनों ही दवाई कोविड-19 के बचाव एवं उपचार में इस्तेमाल होती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इसमें भी 200% से 550% तक एमआरपी में फर्क है।
इसे बेहतर समझाने के लिए हम पहले विटामिन सी का टेबल आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

Vitamin C की NOVA LIFESCIENCES कंपनी एक गोली को ₹1 में बेच रही है वहीं दूसरी ओर ZUVENTUS कंपनी उसी गोली के ₹4. 33 पैसे वसूल रही है।

Brand Conpany Price
1) NOVAVIT C – NOVA LIFESCIENCE – 1/TAB

2) ZU C- ZUVENTUS- 5.33/TAB

3)LIMCEE- ABBOTT – 1.53/ TAB

4) CELIN – KOYE PHARMA- 1.53/TAB

5) REDOXON – PIRAMAL – 1/ TAB

क्या यह एक प्रकार की अराजकता एवं शोषण नहीं है।

अंत में हम इवरमेक्टिन Ivermectin की कीमतों पर नजर डालते हैं।
जिसकी एक गोली KIWI कंपनी ₹11.75 में बेच रही है वहीं दूसरी ओर ZUVENTUS ₹42 75 पैसे चार्ज कर रही है।

Brand Conpany Price

1) ZETTA KIWI ₹11.75/tab

2) IVERMACT Mankind ₹38/tab

3) SCAVISTA ZUVENTUS ₹42.75/tab

हमारी रिसर्च टीम ने आज यहां मात्र 3 दवाइयों के उदाहरण शेयर किये हैं। ऐसा अमूमन हर दवाई में होता है।

इस पूरे खेल में केवल और केवल फार्मा कंपनी को फायदा हो रहा है किंतु कोरोना के अन्य मामलों की तरह हमारी सरकारें इस विषय पर भी लंबी चुप्पी साधी हुई है तथा पूर्णतया अकर्मण्यता की स्थिति में है।

छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी अपने समस्त सदस्यों के माध्यम से पूरे देश की जनता से अपील करती है कि आप मेडिकल स्टोर पर जाकर इस बुलेटिन में दिए हुए चार्ट के अनुसार जो सबसे सस्ती ब्रांड है उसे खरीदें ताकि वाजिब दाम पर काम करने वाली फार्मास्यूटिकल कंपनी को प्रोत्साहन मिले तथा मुनाफाखोरी करने वाले लोगो को सबक सिखाया जा सके।

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