मामला शहर के हृदयस्थल से लगे होटल के सामने दो बार फायरिंग की घटना से जुड़ा

अंबिकापुर। देव होटल के पास हवाई फायर करने के मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार की शाम को गोली चलने का मामला सामने आया था, लेकिन पटाखा फूटने जैसी आवाज आने की गोलमोल बातें कुछ लोग कर रहे थे, वहीं कुछ लोगों के द्वारा फायरिंग करने का दावा किया जा रहा था। शहर के हृदयस्थल से लगे होटल के पास फायरिंग की सूचना पर पुलिस अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन फायरिंग करने की स्वीकारोक्ति तत्समय न तो आरोपी ने की और न ही उसके संपर्क सूत्रों से ही कुछ पता चल पाया। देर रात से लेकर दूसरे दिन तक होटल में पुलिस की मौजूदगी के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को हवाई फायर की पुष्टि की है, और आरोपित के विरूद्ध केस पंजीबद्ध किया है।

घटनाक्रम पर नजर डालें तो 06 फरवरी को पुलिस को देव होटल के पास एक व्यक्ति द्वारा बंदूक से हवाई फायर करने की सूचना प्राप्त हुई। मामले को संज्ञान में लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में पुलिस टीम को तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की पूरी पड़ताल करते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो एवं नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर राहुल बंसल के नेतृत्व में साइबर सेल, कोतवाली पुलिस एवं थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा देव होटल के पास पहुंची और आस-पास के दुकान संचालकों एवं उपस्थित लोगों से पूछताछ की तो सामने आया कि हनी सिंह के द्वारा मौके पर बंदुक से फायर किया गया है, जिससे आसपास के दुकानदारों एवं आम लोगों दहशत में थे। पुलिस ने अग्रिम पड़ताल करते हुए जब हनी सिंह सहित अन्य लोगों से पूछताछ किया तो शुक्रवार को देर शाम तक पटाखा फूटने जैसी आवाज आने की बातें हो रही थी। हालांकि यह बात पच नहीं रही थी, क्योंकि कुछ लोगों ने बंदूक से हवाई फायर करने के नजारे को देखा था। शहर के बीच हुई इस घटना के बाद सामने आ रही विरोधाभासी बातों की सत्यता को परखने के लिए घटनास्थल पर पुलिस अधिकारियों के साथ कोतवाली थाना प्रभारी शशिकान्त सिन्हा, गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण द्विवेदी, साइबर पुलिस की टीम देर रात तक विवेचना कार्रवाई के लिए डटी थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जांच और पूछताछ के बीच सामने आया था कि बनारस रोड में फार्चुनर वाहन से आ रहे हनी सिंह को कुछ कार सवारों ने ओवरटेक करने का प्रयास किया था, इसके बाद वे सीधे अपने होटल में आ गए थे। मामले की रिपोर्ट इन्हें गांधीनगर थाने में दर्ज कराने के लिए कहा गया था। पूर्व में भी हनी सिंह का कुछ लोगों से विवाद हुआ था, इस दौरान भी दोनों पक्षों को पुलिस के संज्ञान में मामले को लाने कहा गया था। इन सबके बीच मामला शहर के बीच फायरिंग से जुड़ा सामने आ गया, किन परिस्थितियों में गोली चलाई गई, वहीं गोली चलने और पटाखा फूटने जैसा आवाज आने को लेकर बनी झंझावात की स्थिति के बीच पुलिस घंटों जांच, विवेचना और आरोपित के स्वीकारोक्ति के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंच गई कि आवाज पटाखा की नहीं बल्कि दो बाद बंदूक से किए गए हवाई फायर की थी। मामले में पुलिस ने आरोपी हनी सिंह के विरुद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 77/26, आयुध अधिनियम 1959 की धारा 25, 27 एवं 125 बी.एन.एस. का अपराध दर्ज कर लिया है, और मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

तीन संदेहियों को लिया था हिरासत में

गोलीकांड के तथ्य को सुलझाने में लगे पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में शनिवार को तीन संदेहियों को भी हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने एक एयरगन भी अपने कब्जे में लिया था। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में क्या सामने आया, यह फिलहाल अपुष्ट है। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के बाद पुलिस ने इन्हें छोड़ दिया है, और मुख्य आरोपित के विरूद्ध केस दर्ज करके अग्रिम पड़ताल कर रही है।

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