अंबिकापुर। जरही। नगर पंचायत जरही में लाखों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पशु चिकित्सालय भवन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। भवन निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी की बातें सामने आ रही हैं।
            स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से की जा रही मांग को देखते हुए प्रतापपुर विधायक द्वारा नगर पंचायत जरही को पशु चिकित्सालय की सौगात दी गई, ताकि आसपास के ग्रामीणों को पशु उपचार की बेहतर सुविधा मिल सके। इधर ठेकेदार की मनमानी के चलते घटिया निर्माण की तस्वीर सामने आ रही है। कांक्रीट ढलाई के दौरान भवन के पिलर, बाउंड्रीवाल एवं अन्य संरचनाओं में वाइब्रेटर मशीन का उपयोग नहीं किया गया। ठेकेदार के मजदूर बांस और लकड़ी से कांक्रीट जमाने का काम कर रहे हंै, जो सीधे तौर पर निर्माण मानकों का उल्लंघन है। इससे भवन की मजबूती और उम्र पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
जानकारी के मुताबिक पशु चिकित्सालय का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जा रहा है जहां आम लोगों की आवाजाही कम रहती है, इसका फायदा उठाकर ठेकेदार खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहा है। न तो कार्य की नियमित निगरानी हो रही है और न ही तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि भवन का अधिकांश ढलाई कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया है। शुरुआत से ही निर्माण में सामने आई लापरवाही को देखते हुए यह भवन कितने दिनों तक टिक पाएगा, इसकी चर्चा हो रही है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य की तत्काल तकनीकी जांच कराने की मांग की है, जिससे सरकारी राशि की बर्बादी रोकी जा सके और सुरक्षित व टिकाऊ भवन मिल सके।

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