मनेंद्रगढ़ (शुद्धूलाल वर्मा) ! एसईसीएल उपक्रम के हसदेव क्षेत्र में कोरोना काल में सुरक्षा उपकरणों व सामानों की खरीदी की गई थी जिसमें जमकर भ्रष्टाचार किए जाने का मामला प्रकाश में आया है ! भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आने पर मामले की जांच कोयला मंत्रालय का सतर्कता विभाग, और कोल इंडिया का सतर्कता विभाग कर रहा है । बताया जा रहा है कि उच्च स्तर पर की जा रही जांच से घबराए अधिकारियों ने आनन-फानन में केंद्रीय चिकित्सालय मनेंद्रगढ़ के तीन फार्मासिस्टो को निलंबित कर दिया है ! फार्मासिस्ट को निलंबित करने का आधार उनके द्वारा दस्तावेजों को अन्य लोगों या अन्य एजेंसियों को देना बनाया गया है !

मामले में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसईसीएल द्वारा संचालित केंद्रीय चिकित्सालय मनेंद्रगढ़ में कोरोना काल को देखते हुए सुरक्षा उपकरणों व अन्य सामानों की खरीदी की गई थी जिसमें भारी भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है ! सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय चिकित्सालय द्वारा एन-95 मास्क, पीपीई किट, सर्जिकल मास्क थ्री लेयर, सर्जिकल कैप, हाइपोक्लोराइड सैल्यूशन, थर्मल स्कैनर(नॉन कांटेक्ट थर्मामीटर), एन-95 मास्क विथ रेस्पीरेटर, पीपीई किट (80 जीएसएम) की खरीदी तीन आपूर्ति आदेश के माध्यम से मेसर्स-वर्षा सर्जिकल एण्ड मेडिकल, बी.के.टॉवर बलदेव बाग जबलपुर(म.प्र.) से लगभग 15 लाख रूपये में की गई है,इस ख़रीदी में कई प्रकार की अनियमितताएं बरती गयी है।एन-95 मास्क जो क्रय किया गया है वह अत्यंत ही घटिया किस्म का और नॉन ब्रांडेड मास्क क्रय किया गया है, एन-95 के स्थान पर डस्ट को रोकने वाला मास्क क्रय किया गया है, वह भी बाजार से दो-तीन गुना अधिक मूल्य पर,पीपीई किट नॉन ब्रांडेड और घटिया क्वॉलिटी का लिया गया है, यह किट बाजार से दो-तीन गुना अधिक मूल्य पर क्रय किया गया है,सर्जिकल मास्क थ्री लेयर, सर्जिकल कैप, हाइपोक्लोराइड सैल्यूशन, थर्मल स्कैनर(नॉन कांटेक्ट थर्मामीटर), एन-95 मास्क विथ रेस्पीरेटर, पीपीई किट (80 जीएसएम)यह सब भी बाजार से दुगुने और तिगुने दरो पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के मापदंडों के विपरीत जाकर बाजार में खुदरा बिक्री दर से ऊपर जाकर थोक में क्रय किया गया है, हसदेव क्षेत्र से नजदीक बिलासपुर, रायपुर से इन सभी सामग्री को क्रय न करके अपनी सेटिंग के अनुसार जबलपुर से खरीदा गया है ! बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार को दबाने के लिए एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा केंद्रीय चिकित्सालय मनेंद्रगढ़ में पदस्थ तीन फार्मासिस्ट को निलंबित कर उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है तथा मामले में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है! सूत्र बताते हैं कि कोल इंडिया के एसईसीएल उपक्रम के हसदेव क्षेत्र में कोविड-19 के नाम पर अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों का भ्रष्टाचार किये जाने के संबंध में मुख्य सतर्कता अधिकारी कोयला मंत्रालय शास्त्री भवन नई दिल्ली ,सतर्कता अधिकारी कोल इंडिया मुख्यालय कोलकाता, कार्मिक निदेशक एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर सहित विभिन्न अधिकारियों को इस मामले की जाँच कराकर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने के मांग की गयी थी, वरिष्ठ कार्यालयो ने इसे गंभीरता पूर्वक लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले पर एसईसीएल उपक्रम के सतर्कता विभाग के महाप्रबंधक सतर्कता के द्वारा जारी पत्र क्रमांक एसईसीएल/ विजिलेंस/ 08/2020/1766 दिनांक 13/08/2020 के माध्यम से इस पूरे मामले के दस्तावेज मंगाए गए हैं ।

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